Iran-Israel War में अमेरिका की सीधी एंट्री! Nuclear Sites पर High-Tech Bombing, क्या अब बढ़ेगा Global खतरा?

Israel-Iran Conflict अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, क्योंकि अमेरिका ने अब सीधे मोर्चा संभाल लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर जबरदस्त बमबारी की है। ट्रंप ने इस हमले को “बहुत सफल” बताया और कहा कि अब “शांति का समय” आ गया है।

किन-किन ठिकानों पर हुआ हमला?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर जानकारी देते हुए बताया कि अमेरिका ने Fordow, Natanz और Isfahan में स्थित परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया। ट्रंप ने लिखा,

“हमारे विमानों ने ईरान के फोर्दो, नतांज और इस्फहान ठिकानों पर सफल बमबारी की। सभी विमान सुरक्षित रूप से ईरान के हवाई क्षेत्र से बाहर निकल चुके हैं।”

उनके मुताबिक, Fordow पर पूरा bomb payload गिराया गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि वहां सबसे भारी हमला किया गया।

B-2 Stealth Bombers ने मचाया कहर

एक अमेरिकी अधिकारी ने समाचार एजेंसी Reuters को बताया कि इस ऑपरेशन में B-2 Stealth Bombers का इस्तेमाल किया गया। ये विमान शुक्रवार रात Whiteman Air Force Base (Missouri) से उड़ान भरते हुए देखे गए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, ये विमान Pacific Ocean के ऊपर उड़ते पाए गए, जिससे कयास लगाया गया कि ये Guam base की ओर जा रहे थे।

B-2 बॉम्बर्स खासतौर पर Massive Ordnance Penetrator (MOP) ले जाने में सक्षम होते हैं, जो कि 30,000 पाउंड का “बंकर बस्टर” बम है। यह बम Fordow जैसे heavily fortified nuclear sites को भी तबाह कर सकता है।

इजरायल ने दिया था दबाव

सूत्रों के अनुसार, इजरायली अधिकारियों ने अमेरिका को चेतावनी दी थी कि ईरान पर हमला करने के लिए वे दो सप्ताह तक इंतजार नहीं कर सकते। इजरायल का मानना था कि वह अकेले ही ईरान के nuclear infrastructure को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, ट्रंप के हालिया बयानों से पहले ही यह अंदेशा जताया जा रहा था कि अमेरिका जल्द ही इस युद्ध में कूदेगा — और अब वह सच हो चुका है।

क्या अब युद्ध का नया चरण शुरू होगा?

इस हमले से यह स्पष्ट है कि ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव अब केवल Middle East तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें United States की एंट्री ने इसे Global Conflict में बदल दिया है। अमेरिका की ओर से “अब शांति का समय है” कहने के बाद भी सवाल यह है कि ईरान की प्रतिक्रिया क्या होगी? क्या यह हमला एक नए World War-type escalation की शुरुआत है या शांति की ओर एक अंतिम प्रयास?