Underground Nuclear Site भी नहीं बचा! अमेरिका ने ईरान के Fordow पर गिराया Full Bomb Payload

Middle East Tensions अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई हैं। Israel-Iran conflict के बीच अब अमेरिका की सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। शनिवार को अमेरिका ने अपनी B-2 Stealth Bombers Fleet के जरिए ईरान के तीन अहम Nuclear Facilities पर जोरदार बमबारी की।

इन तीन ठिकानों के नाम हैं – Fordow, Natanz और Isfahan। इनमें सबसे ज्यादा सुरक्षा वाली साइट मानी जाने वाली Fordow Nuclear Facility को भी अमेरिकी बमबारी का निशाना बनाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने खुद पुष्टि की कि इस मिशन में Fordow पर “complete bomb payload” गिराया गया।

Fordow: ईरान का सबसे सुरक्षात्मक परमाणु ठिकाना

Fordow Nuclear Site की जानकारी सबसे पहले साल 2009 में सामने आई थी। यह सुविधा Kuh-e Daryacheh नामक पहाड़ी क्षेत्र के नीचे, ज़मीन से करीब आधा मील नीचे बनाई गई है। Satellite Imagery और IAEA (International Atomic Energy Agency) की रिपोर्टों के अनुसार, यह साइट बेहद मजबूत चट्टानों के बीच बनाई गई है ताकि किसी भी आम बमबारी से इसे नुकसान न पहुंचे।

ईरान ने Fordow को इस प्रकार डिज़ाइन किया था कि अगर दुश्मन हमला भी करे, तो साइट की संरचना उसे झेल सके। लेकिन अमेरिका ने यहां Massive Ordnance Penetrator (MOP) जैसे बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया, जो भारी सुरंगों और reinforced bunkers को भी नष्ट कर सकते हैं।

Satellite Images में क्या दिखा था?

हाल ही में उपलब्ध Satellite Images of Fordow में पहाड़ों की तलहटी में बनी 5 सुरंगों के प्रवेश द्वार, एक बड़ा auxiliary complex और layered security fence दिखाई दिए थे। यह स्थान ईरान के पवित्र शहर Qom के पास स्थित है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि 2002-04 के बीच इस साइट पर निर्माण कार्य शुरू हुआ था और IAEA के पास उस समय की भी इमेजरी उपलब्ध है।

Trump बोले: अब दुनिया पहले से ज्यादा सुरक्षित

हमले के बाद, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे “बहुत सफल” बताते हुए कहा कि सभी विमानों ने मिशन पूरा कर सुरक्षित वापसी की। ट्रंप के इस फैसले की former Israeli Defence Minister Yoav Gallant ने सराहना की और कहा कि अब दुनिया पहले से ज्यादा सुरक्षित है।

Natanz और Isfahan पर भी हमला क्यों ज़रूरी था?

  • Natanz Nuclear Facility: यह ईरान की सबसे बड़ी Uranium Enrichment Plant है और इसे कई बार साइबर और सैन्य हमलों का सामना करना पड़ा है।

  • Isfahan Site: यहां nuclear fuel conversion और processing होती है। इस साइट का रणनीतिक महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह ईरान के मध्य भाग में स्थित है और व्यापक नेटवर्क से जुड़ा है।

इन तीनों ठिकानों पर हमले के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि Iran की next move क्या होगी? क्या यह कार्रवाई एक बड़ा सैन्य टकराव शुरू करेगी या यह एक रणनीतिक चेतावनी थी?