पेट्रोल बचाने के लिए पाकिस्तान में बदल जाएगा कामकाज का तरीका

पाकिस्तान इन दिनों गंभीर आर्थिक और ईंधन संकट से जूझ रहा है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। देश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, स्थिति को संभालने के लिए शहबाज शरीफ सरकार Petroleum Smart Lockdown जैसे उपायों पर विचार कर रही है।

हफ्ते में सिर्फ चार दिन काम करने का प्रस्ताव

ईंधन की खपत कम करने के लिए पाकिस्तान सरकार सरकारी और निजी संस्थानों के कामकाज के दिनों में कटौती कर सकती है। प्रस्ताव के तहत सप्ताह में केवल चार दिन कार्यालय खोलने और शुक्रवार से रविवार तक लंबा वीकेंड रखने की योजना बताई जा रही है। इसका उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या और पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करना है।

सरकारी कार्यालयों में भी कर्मचारियों को Rotation Basis पर बुलाने का विकल्प अपनाया जा सकता है। इसके अलावा बड़ी संख्या में कर्मचारियों को Work From Home करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। इससे आने-जाने में खर्च होने वाले ईंधन की बचत करने की कोशिश होगी।

बाजार और मैरिज हॉल जल्दी बंद करने की तैयारी

ईंधन और बिजली की खपत घटाने के लिए पाकिस्तान में Shopping Malls, Commercial Markets और Marriage Halls के संचालन के समय में भी बदलाव किया जा सकता है। इन्हें शाम को सामान्य समय से पहले बंद करने का प्रस्ताव बताया जा रहा है।

सरकार का मकसद एक साथ पेट्रोलियम और बिजली दोनों की खपत कम करना है। अगर ईंधन संकट लंबे समय तक बना रहता है तो ऐसे प्रतिबंधों को और सख्त किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

सरकारी गाड़ियों और पेट्रोल भत्ते में कटौती

ईंधन बचाने के लिए सरकारी वाहनों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 50 फीसदी सरकारी वाहनों का इस्तेमाल सीमित किया जा सकता है। अधिकारियों के गैर-जरूरी दौरे कम करने के साथ-साथ Fuel Allowance में कटौती की योजना भी बनाई जा सकती है।

सरकार के सामने चुनौती यह है कि सीमित विदेशी मुद्रा और महंगे Crude Oil Prices के बीच देश की ईंधन जरूरतों को कैसे पूरा किया जाए। पाकिस्तान पहले भी ऊर्जा संकट के दौरान सरकारी खर्च और ईंधन की खपत कम करने के लिए कई तरह के कदम उठा चुका है।

आर्थिक संकट के बीच बढ़ी सरकार की चिंता

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से विदेशी मुद्रा भंडार और भुगतान संतुलन जैसी समस्याओं से जूझती रही है। अब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर तेल की कीमतों और आपूर्ति पर पड़ रहा है। ऐसे में पाकिस्तान के लिए महंगे ईंधन का आयात करना अतिरिक्त दबाव पैदा कर रहा है।

रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि सरकार के सामने ईंधन की खपत नियंत्रित करने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं। हालांकि, Petroleum Smart Lockdown से जुड़े प्रस्तावों पर अंतिम फैसला सरकार की ओर से लिया जाना बाकी है।

अगर ये उपाय लागू होते हैं तो पाकिस्तान में कामकाज के दिनों, बाजारों के समय, सरकारी वाहनों और अधिकारियों के ईंधन भत्ते से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।