Face of 40 Dehradun roads set to change; Chhattisgarh-based company to carry out repairs, Punjab to oversee monitoring.
देहरादून की जर्जर सड़कों से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। शहर की 40 प्रमुख सड़कों की मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी अब छत्तीसगढ़ की कंपनी को सौंपी गई है, जबकि पूरे काम की निगरानी पंजाब की एक कंपनी करेगी। यह व्यवस्था पांच साल के लिए लागू की जाएगी। लोक निर्माण विभाग (PWD) का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य सड़कों को हर मौसम में गड्ढामुक्त और बेहतर स्थिति में बनाए रखना है।
108 किलोमीटर सड़कों का होगा रखरखाव
PWD ने देहरादून की करीब 108 किलोमीटर लंबी 40 सड़कों को इस परियोजना में शामिल किया है। इनके Road Repair and Maintenance का काम रायपुर, छत्तीसगढ़ की RKTC Infratech को दिया गया है। वहीं, काम की गुणवत्ता और प्रगति पर नजर रखने के लिए पंजाब की कंपनी को Supervision Work सौंपा गया है।
दोनों कंपनियों को इस परियोजना के लिए करीब 95 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इसका उद्देश्य बार-बार छोटे-छोटे पैचवर्क के लिए अलग टेंडर कराने की जरूरत को कम करना है।
अगले 15 दिनों में शुरू हो सकता है काम
अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह के मुताबिक, RKTC Infratech को सड़कों की मरम्मत का जिम्मा दिया गया है और निगरानी के लिए पंजाब की कंपनी काम करेगी। दोनों कंपनियों के अगले 15 दिनों में देहरादून में काम शुरू करने की उम्मीद है।
प्रमुख अभियंता PWD राजेश शर्मा ने बताया कि यह व्यवस्था फिलहाल Pilot Project के तौर पर लागू की जा रही है। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो इसे राज्य के दूसरे शहरों में भी अपनाया जा सकता है।
कंपनी की देरी पर लगेगी पेनल्टी
PWD ने यह भी स्पष्ट किया है कि सड़क रखरखाव में लापरवाही या निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं करने की स्थिति में कंपनी पर Penalty लगाई जा सकती है। विभाग का दावा है कि इससे ठेकेदार कंपनियों की जवाबदेही तय होगी और सड़कों के रखरखाव में देरी की समस्या कम होगी।
बारिश के दौरान देहरादून की कई सड़कों पर गड्ढे और सड़क की ऊपरी परत उखड़ने की समस्या सामने आती रही है। नई व्यवस्था में नियमित रखरखाव पर जोर रहेगा, ताकि सड़क खराब होने के बाद ही मरम्मत कराने के बजाय पहले से उसकी निगरानी की जा सके।
इन प्रमुख सड़कों को किया गया शामिल
परियोजना के तहत दून-मसूरी मार्ग, राजपुर-कुठालगेट रोड, दून-रायपुर मार्ग, हरिद्वार रोड, सहस्रधारा मार्ग और हरबर्टपुर-आसन बैराज मार्ग जैसे प्रमुख रास्तों को शामिल किया गया है।
इसके अलावा बल्लूपुर-गढ़ी कैंट, किशननगर-FRI बैक गेट, धोरण-IT पार्क मार्ग, राजपुर-सहस्रधारा रोड, लैंसडौन रोड, कॉन्वेंट रोड, ग्लोब चौक-सुभाष रोड, न्यू रोड, पटेल मार्ग, रेसकोर्स और कचहरी मार्ग भी परियोजना का हिस्सा हैं।
माजरा-भुड्डी से धर्मावाला, कांवली रोड-पंडितवाड़ी-सीमाद्वार, शिमला बाईपास-ट्रांसपोर्टनगर, हरिद्वार बाईपास-दून विश्वविद्यालय-मोथरोवाला और धर्मपुर-मोथरोवाला जैसे मार्गों पर भी काम किया जाएगा।
इसके साथ ही रायपुर-नथुवावाला-बालावाला, भानियावाला-थानो-रायपुर, धर्मपुर-माता मंदिर, रायपुर-खैरी मानसिंह-लोहे का पुल बाईपास और किरसाली चौक-अस्थल-मालदेवता मार्ग को भी योजना में शामिल किया गया है।
बार-बार होने वाले पैचवर्क से मिलेगी राहत?
देहरादून में सड़क खराब होने के बाद पैचवर्क कराने की प्रक्रिया में समय लगने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था में पांच साल तक एक ही सिस्टम के तहत Road Maintenance होने से विभाग को उम्मीद है कि सड़क की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की जा रही यह व्यवस्था देहरादून की सड़कों को वास्तव में लंबे समय तक बेहतर रखने में कितनी प्रभावी साबित होती है।