Hostels to be built for 10,000 students in Delhi; government expands scope.
दिल्ली सरकार ने आशा (ASHA) वर्कर्स के मासिक फिक्स्ड इंसेंटिव को दोगुना करने का फैसला लिया है। अब उन्हें हर महीने 3 हजार रुपये की जगह 6 हजार रुपये का निश्चित इंसेंटिव मिलेगा। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने राजधानी के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 10 हजार छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने की योजना को भी मंजूरी दी है।
ASHA वर्कर्स को अब मिलेंगे 6 हजार रुपये
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ASHA वर्कर्स के मासिक इंसेंटिव में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला ASHA workers के योगदान को मान्यता देने और उनकी Financial Security मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
दिल्ली में फिलहाल करीब 6,725 ASHA workers स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी हुई हैं। आमतौर पर एक ASHA worker करीब 2,000 लोगों या लगभग 400 परिवारों के साथ काम करती हैं। वे समुदाय और स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करती हैं।
सरकार का कहना है कि इंसेंटिव बढ़ने से ASHA workers का उत्साह बढ़ेगा और वे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अपने काम को और बेहतर तरीके से जारी रख सकेंगी।
10 हजार छात्रों के लिए बनेंगे हॉस्टल
दिल्ली सरकार ने कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए Student Hostel Construction का दायरा बढ़ाने का भी फैसला किया है। सरकार के मुताबिक राजधानी में करीब 10 हजार छात्रों को रहने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार के कुछ विश्वविद्यालयों और संस्थानों में हॉस्टल का निर्माण पहले से चल रहा है। छात्रों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए अब इस योजना को अन्य संस्थानों तक भी विस्तार देने की तैयारी है।
कॉलेजों में जगह का होगा सर्वे
सरकार उन कॉलेजों और संस्थानों का सर्वे कराएगी, जहां हॉस्टल बनाने के लिए पर्याप्त जमीन या जगह उपलब्ध है। उपयुक्त स्थानों की पहचान होने के बाद Hostel Construction Process में तेजी लाई जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य राजधानी में पढ़ने वाले छात्रों के लिए किफायती और सुविधाजनक आवास की उपलब्धता बढ़ाना है। खासतौर पर ऐसे छात्रों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है जिन्हें कॉलेज या विश्वविद्यालय के आसपास रहने के लिए निजी आवास की तलाश करनी पड़ती है।