मोदी के डिनर में क्यों नहीं पहुंचे शी जिनपिंग? पुतिन ने चखा भारतीय जायका, जानें पूरा मेन्यू

नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार शाम भारत मंडपम में BRICS देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए विशेष रात्रिभोज का आयोजन किया। डिनर में भारत की विविध पाक परंपराओं को दिखाने वाला खास शाकाहारी मेन्यू तैयार किया गया था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई BRICS नेताओं ने इस डिनर में हिस्सा लिया और भारतीय व्यंजनों का स्वाद लिया। हालांकि, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की गैर-मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई।

डिनर में क्यों नहीं आए शी जिनपिंग?

सूत्रों के मुताबिक, शी जिनपिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आयोजित रात्रिभोज में शामिल नहीं हुए। उनके डिनर में शामिल नहीं होने की तत्काल कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई। एक सूत्र के अनुसार, शी जिनपिंग आराम करने के लिए होटल लौट गए थे।

शी जिनपिंग के अलावा आबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद भी रात्रिभोज में शामिल नहीं हुए। दूसरी ओर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और BRICS के अन्य नेताओं ने डिनर में शिरकत की।

भारतीय स्वाद से सजा था पूरा डिनर

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से आयोजित इस डिनर का मेन्यू पूरी तरह शाकाहारी रखा गया था। इसमें भारत के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक स्वाद को आधुनिक अंदाज में पेश किया गया। स्टार्टर से लेकर डेजर्ट तक मेहमानों को कई खास भारतीय व्यंजन परोसे गए।

डिनर के दौरान ‘नवरस: द यूनिवर्स ऑफ शेयर्ड इमोशन्स’ नाम से विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति भी आयोजित की गई, जिसने कार्यक्रम को भारतीय कला और संस्कृति से जोड़ा।

स्टार्टर में परोसी गई खंडवी मिलेफॉय और खुंब गलौटी

डिनर की शुरुआत ‘खंडवी मिलेफॉय’ से हुई। इसमें बेसन से तैयार स्टीम्ड खंडवी को सरसों, नारियल और करी पत्ते के तड़के के साथ परोसा गया। इसके साथ केसर आम, माइक्रोग्रीन्स और योगर्ट ड्रेसिंग का इस्तेमाल किया गया था।

दूसरे स्टार्टर के तौर पर ‘खुंब गलौटी’ परोसी गई। इसमें मशरूम कबाब को हल्का ग्रिल कर मिंट पर्ल्स और शीरमल ब्रेड के साथ प्रस्तुत किया गया।

मेन कोर्स में पनीर लबाबदार से हिमालयी गुच्छी तक

मुख्य भोजन में भी भारतीय व्यंजनों की विविधता दिखाई दी। मेहमानों के लिए पनीर लबाबदार, हिमालयी गुच्छी मशरूम और शतावरी से तैयार ‘गुच्छी मार्मिक’ जैसे व्यंजन शामिल किए गए।

इसके अलावा कैरट बीन पोरियाल, अरहर दाल और टमाटर से तैयार दक्षिण भारतीय शैली का हल्का सूप ‘ढक्काली बेले सारू’ भी मेन्यू का हिस्सा था। मिवेट पुलाव, बीटरूट रायता और अलग-अलग तरह की भारतीय रोटियां भी मेहमानों को परोसी गईं।

डेजर्ट में जलेबी और ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम

डिनर के अंत में भारतीय मिठास का खास अंदाज देखने को मिला। डेजर्ट में ‘ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम विद जलेबी’ परोसी गई। यह पुरानी दिल्ली के लोकप्रिय स्वाद से प्रेरित थी, जिसमें मौसमी फलों और हल्की व्हिप्ड क्रीम के साथ कुरकुरी जलेबी शामिल थी।

इसके साथ शहतूत फिरनी भी मेहमानों को परोसी गई। इस तरह पूरे डिनर के मेन्यू में देश के अलग-अलग क्षेत्रों के स्वाद को आधुनिक प्रस्तुति के साथ शामिल किया गया।

पुतिन समेत कई नेताओं ने लिया भारतीय व्यंजनों का स्वाद

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य BRICS नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के डिनर में हिस्सा लिया। खास शाकाहारी मेन्यू के जरिए भारत की समृद्ध खानपान परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने पेश किया गया।

वहीं, शी जिनपिंग की गैर-मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को राजनीतिक और कूटनीतिक नजरिए से भी चर्चा में ला दिया। हालांकि, उनके डिनर में शामिल न होने की आधिकारिक वजह सामने आने तक इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।