फिर टली बनभूलपुरा अतिक्रमण मामले की सुनवाई, अब 17 सितंबर को SC में होगी सुनवाई

उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। जानकारी के अनुसार, यह मामला बुधवार को अदालत की सूची में तीसरे नंबर पर था, लेकिन संबंधित वकील समय पर कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सके। इसके चलते मामले की सुनवाई टल गई।

अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है। लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में चल रहे इस विवाद को लेकर रेलवे भूमि से जुड़े पक्षों के साथ-साथ बनभूलपुरा क्षेत्र के लोगों की नजरें अब अगली तारीख पर टिक गई हैं।

17 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

बनभूलपुरा रेलवे भूमि विवाद से जुड़े मामले में अब सुप्रीम कोर्ट में 17 सितंबर को सुनवाई प्रस्तावित है। यह मामला लंबे समय से शीर्ष अदालत के समक्ष विचाराधीन है। ऐसे में अगली सुनवाई में अदालत की ओर से मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर क्या दिशा तय की जाती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

पुनर्वास की प्रक्रिया ने पकड़ी थी रफ्तार

हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में रेलवे की जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद मार्च महीने से प्रभावित लोगों के Rehabilitation Process को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हुई थी।

प्रशासन की ओर से करीब 30 हेक्टेयर भूमि पर रहने वाले 4,300 से अधिक प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ देने की तैयारी की जा रही है। पुनर्वास से जुड़ी प्रक्रिया को इस पूरे मामले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को लेकर पुलिस अलर्ट

बनभूलपुरा मामले की सुनवाई को देखते हुए हल्द्वानी में नैनीताल पुलिस पहले से ही सतर्क थी। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस ने विशेष इंतजाम किए थे।

जानकारी के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था के तहत दो सुपर जोन बनाए गए थे। इसके अलावा क्षेत्र को चार जोन में बांटकर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था में दो एसपी, पांच सीओ, 15 इंस्पेक्टर और एसएचओ तथा 45 सब-इंस्पेक्टर और एडिशनल सब-इंस्पेक्टर स्तर के पुलिसकर्मी शामिल किए गए थे।

संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त

नैनीताल पुलिस की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार Police Patrolling की जा रही थी। इसके साथ ही संदिग्ध लोगों का सत्यापन और एहतियाती कार्रवाई भी जारी रखी गई।

पुलिस का फोकस किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न होने देने पर रहा। अधिकारियों की ओर से क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए लोगों से भी सहयोग की अपील की गई।

सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर

पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी बढ़ाई हुई है। अधिकारियों ने लोगों से भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट और टिप्पणियों से बचने की अपील की है।

नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अब बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में अगली सुनवाई 17 सितंबर 2026 को होगी। इस सुनवाई में मामले की आगे की कानूनी दिशा और प्रभावित परिवारों से जुड़े मुद्दों पर क्या रुख सामने आता है, इस पर क्षेत्रवासियों की नजर रहेगी।