वनभूलपुरा बना छावनी, 2 कंपनी PAC और ड्रोन तैनात; सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले क्यों बढ़ी सुरक्षा?

उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित वनभूलपुरा अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले से पहले इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। रेलवे की जमीन पर कथित अतिक्रमण से जुड़े इस मामले में करीब 4,365 परिवार प्रभावित बताए जा रहे हैं। रेलवे के अनुसार, इन परिवारों में लगभग 50 हजार लोग शामिल हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं।

फैसले से पहले वनभूलपुरा में बढ़ी सुरक्षा

वनभूलपुरा से जुड़े मामले की सुनवाई बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सूचीबद्ध बताई गई है और फैसला आने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने इलाके को कई हिस्सों में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र को दो सुपर जोन और चार जोन में विभाजित किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था की कमान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई है। पुलिस बल के साथ PAC की दो कंपनियां भी तैनात की गई हैं। संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

ड्रोन और जमीनी निगरानी से रखी जा रही नजर

पुलिस के मुताबिक, वनभूलपुरा की गलियों, संवेदनशील स्थानों और छतों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए Drone Surveillance के साथ जमीनी स्तर पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत कई स्तरों पर पुलिस बल लगाया गया है। इसमें पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, निरीक्षक, उपनिरीक्षक और महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं।

इसके अलावा Fire Brigade, Traffic Police, Bomb Disposal Squad, Riot Control Teams और Tear Gas Teams को भी तैयार रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और वाहन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

पुलिस ने किया फ्लैग मार्च

फैसले से पहले मंगलवार शाम को वनभूलपुरा क्षेत्र में पुलिस ने Flag March किया। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में अब तक 100 से अधिक लोगों का सत्यापन किया जा चुका है। इसके साथ ही वर्ष 2024 में हुई हिंसा से जुड़े आरोपियों के संबंध में भी पुलिस स्तर पर चिह्नीकरण की कार्रवाई की जा रही है।

छतों पर पत्थर या संदिग्ध सामान मिलने पर कार्रवाई

पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा छतों पर पत्थर, ईंट, रोड़ी, मलबा या हथियार अथवा हथियारनुमा वस्तुएं जमा करने की कोशिश किए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें। पुलिस के मुताबिक, Social Media पर भ्रामक, आपत्तिजनक या भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की लोगों से शांति बनाए रखने की अपील

नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने लोगों से Supreme Court Verdict का सम्मान करने और क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि से कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

क्या है वनभूलपुरा रेलवे भूमि विवाद?

यह पूरा मामला हल्द्वानी के वनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर कथित अतिक्रमण से जुड़ा है। रेलवे का दावा है कि उसकी भूमि पर 4,365 परिवारों का कब्जा है और यहां करीब 50 हजार लोग रहते हैं।

इस मामले में उत्तराखंड हाई कोर्ट ने दिसंबर 2022 में रेलवे की भूमि से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रभावित पक्षों की ओर से इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।

अब शीर्ष अदालत में इसी विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई हो रही है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट हो सकता है कि प्रभावित परिवारों और रेलवे की भूमि से जुड़े विवाद को आगे किस दिशा में ले जाया जाएगा।

हजारों परिवारों के भविष्य पर टिकी नजर

वनभूलपुरा मामला केवल जमीन के विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बड़ी संख्या में लोगों के घर और भविष्य जुड़े होने का दावा किया जा रहा है। यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले से पहले इलाके में तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है।

फिलहाल सभी की नजरें Supreme Court Decision on Banbhoolpura पर टिकी हैं। अदालत के फैसले के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस लंबे समय से चल रहे Railway Land Encroachment Case में आगे क्या कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।