Congress in Action Mode: Organizational overhaul in 15 days, followed by a charge-sheet against the BJP government; a major campaign will focus on these issues.
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर Congress ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब संगठन को बूथ और गांव स्तर तक सक्रिय करने के साथ-साथ राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ एक व्यापक Charge Sheet तैयार करने की तैयारी में है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने संगठन से जुड़े प्रमुखों को अगले 15 दिनों के भीतर अपनी कार्यकारिणियां गठित करने और प्रदेशभर में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस की बैठकों में बेरोजगारी, महंगाई, महिला सुरक्षा, दलित उत्पीड़न, कानून-व्यवस्था, भूमि और खनन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
15 दिन में कार्यकारिणी तैयार करने के निर्देश
देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अध्यक्षता में पार्टी की कई महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। इस दौरान फ्रंटल संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के प्रमुखों के साथ One-to-One Meeting की गई।
पदाधिकारियों से अब तक किए गए काम का ब्योरा लिया गया और आने वाले तीन महीनों के लिए संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा हुई। कुमारी शैलजा ने सभी संगठन प्रमुखों को निर्देश दिया कि वे 15 दिनों के भीतर अपनी कार्यकारिणी का गठन करें और इसके बाद प्रदेशभर में सक्रिय रूप से पार्टी के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएं।
गांव और बूथ स्तर तक पहुंच बनाने की तैयारी
कांग्रेस नेतृत्व ने साफ किया कि संगठन को केवल प्रदेश या जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रखा जाएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं को गांव और Booth Level तक जाकर जनता से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए कहा गया है।
कुमारी शैलजा ने कार्यकर्ताओं से बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, महंगाई और दलित उत्पीड़न जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने की अपील की। कांग्रेस का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार की नीतियों को जनता के सामने रखा जाएगा।
BJP सरकार के खिलाफ तैयार होगी ‘चार्जशीट’
इसी बीच प्रदेश कांग्रेस की Charge Sheet Committee की बैठक में भाजपा सरकार के खिलाफ विस्तृत आरोप पत्र तैयार करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने की।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य की जनता बेरोजगारी, महंगाई और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रही है। पार्टी ने Land Issues, Mining और कथित भ्रष्टाचार एवं प्रशासनिक अनियमितताओं को भी अपने अभियान का हिस्सा बनाने के संकेत दिए हैं।
कांग्रेस के मुताबिक, सरकार के खिलाफ तैयार की जाने वाली इस चार्जशीट को केवल प्रदेश स्तर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे Block और District Level तक ले जाकर व्यापक राजनीतिक अभियान चलाने की योजना है।
कार्यकर्ताओं को एकजुट करने पर जोर
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने संगठन में अनुशासन और एकजुटता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनाव की तैयारियों में पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया।
उनका कहना है कि चुनाव केवल बड़े नेताओं के प्रयास से नहीं जीते जाते, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की मेहनत महत्वपूर्ण होती है। इसी वजह से कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर Coordination बनाने पर जोर दे रही है।
जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी होंगे नियुक्त
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में जिलों, महानगरों और विधानसभा क्षेत्रों में Congress In-charges नियुक्त करने की भी तैयारी है। ये प्रभारी स्थानीय कार्यकर्ताओं और पार्टी नेतृत्व के बीच समन्वय का काम करेंगे।
पार्टी की कोशिश है कि चुनाव से पहले हर विधानसभा क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों को गति दी जाए और स्थानीय मुद्दों को चुनावी अभियान से जोड़ा जाए।
सैन्यधाम को लेकर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने सैन्यधाम परियोजना को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और लागत बढ़ने से जुड़े मुद्दों पर राज्यपाल से मुलाकात का समय मांगा था।
समय नहीं मिलने पर प्रतिनिधिमंडल ने लोकभवन के अधिकारियों को अपना ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने सैन्यधाम की बढ़ती लागत, Tender Process और Financial Transparency से जुड़े मामलों की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
पूर्व सैनिक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी और उपाध्यक्ष सुजाता पॉल ने कहा कि शहीदों के सम्मान से जुड़ी परियोजना को राजनीतिक विवाद से दूर रखा जाना चाहिए। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से भी स्थिति स्पष्ट होने तक सैन्यधाम के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का आग्रह किया है।
सैन्यधाम पर धरने की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस प्रतिनिधियों ने शौर्यस्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पार्टी नेताओं ने कहा कि सैन्यधाम से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और विवादित बयान के विरोध में आने वाले दिनों में वहां Protest और Dharna किया जाएगा।
हालांकि, सैन्यधाम और राज्य सरकार से जुड़े कांग्रेस के आरोप राजनीतिक दावे हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब और जांच के निष्कर्ष अलग से महत्वपूर्ण होंगे।
चुनाव से पहले मुद्दों की सियासत तेज
उत्तराखंड में चुनावी माहौल बनने के साथ ही कांग्रेस ने Election Strategy को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। एक ओर पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए 15 दिन की समयसीमा तय कर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा सरकार के खिलाफ मुद्दों की सूची तैयार कर उसे चार्जशीट के रूप में जनता के बीच ले जाने की योजना बना रही है।
आने वाले महीनों में बेरोजगारी, महंगाई, महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, भूमि, खनन और सैन्यधाम जैसे मुद्दे उत्तराखंड की राजनीति में कितना प्रभाव डालते हैं, यह चुनावी अभियान आगे बढ़ने के साथ साफ होगा।