हरितालिका तीज उत्सव में CM धामी ने गिनाई गोर्खाली समाज की खूबियां, आयोजन को लेकर बड़ा फैसला

देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह ग्राउंड में आयोजित गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गोर्खाली समाज के लोगों को संबोधित करते हुए हरितालिका तीज उत्सव को भविष्य में सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य तरीके से आयोजित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक विरासत को आगे बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।

हरितालिका तीज को बताया शक्ति और समर्पण का प्रतीक

CM Dhami Dehradun News के मुताबिक, मुख्यमंत्री धामी ने हरितालिका तीज के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व माता पार्वती की कठोर तपस्या, अटूट विश्वास, समर्पण और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार लोगों को दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माताएं और बहनें हमारी संस्कृति और परंपराओं की महत्वपूर्ण संरक्षक हैं। उनके माध्यम से भाषा, लोक परंपराएं, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक विरासत एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचती है। ऐसे आयोजनों के जरिए युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का अवसर भी मिलता है।

राष्ट्रभक्ति और वीरता के लिए जाना जाता है गोर्खाली समाज

कार्यक्रम के दौरान Pushkar Singh Dhami ने गोर्खाली समाज के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि गोर्खाली समाज अपनी वीरता, मेहनत, निष्ठा और राष्ट्रभक्ति के लिए जाना जाता है। देश की सीमाओं की सुरक्षा में गोरखा वीरों ने अपने साहस और शौर्य से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने की भावना गोर्खाली समाज की पहचान रही है। उनके बलिदान और राष्ट्रसेवा पर पूरे देश को गर्व है।

‘आजाद हिंद फौज शहीद द्वार’ का भी हुआ शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मसूरी विधानसभा क्षेत्र में अमर शहीद कप्तान दल बहादुर थापा की स्मृति में प्रस्तावित ‘आजाद हिंद फौज शहीद द्वार’ का शिलान्यास किए जाने का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि यह शहीद द्वार गोर्खाली समाज के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बनेगा। साथ ही, यह आने वाली पीढ़ियों को देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों के योगदान से परिचित कराने का काम करेगा।

भारत और नेपाल के रिश्तों पर CM धामी ने कही ये बात

मुख्यमंत्री धामी ने भारत और नेपाल के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच केवल पड़ोसी होने का रिश्ता नहीं है। भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने cultural and family ties हैं। दोनों देशों के लोगों के बीच लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक जुड़ाव रहा है।

उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र से होने के कारण उन्होंने भारत और नेपाल की साझा संस्कृति, आपसी आत्मीयता और लोगों के बीच मौजूद जुड़ाव को करीब से महसूस किया है।

प्राकृतिक आपदा के बीच नेपाल के साथ खड़ा है भारत

नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत नेपाल के साथ खड़ा है। उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए नेपाल के जल्द इस मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकलने की कामना की।

सरकारी स्तर पर भव्य आयोजन की तैयारी

गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से आयोजन को सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य बनाने की घोषणा को Uttarakhand News में अहम माना जा रहा है। इससे राज्य में गोर्खाली समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को व्यापक मंच मिलने की उम्मीद है।

हरितालिका तीज जैसे पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ लोक संस्कृति और सामाजिक विरासत को मजबूत करने में भी भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से उत्तराखंड की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और उन्हें व्यापक पहचान देने का प्रयास किया जा सकता है।