बाजपुर की इंद्रा कॉलोनी में जलभराव के बाद इंजीनियर से मारपीट
उत्तराखंड के बाजपुर में बारिश के बाद जलभराव को लेकर रविवार को जमकर हंगामा हुआ। बेरिया रोड पर लेवड़ा नदी के निर्माणाधीन स्पान पुल से पानी ओवरफ्लो होने के कारण इंद्रा कॉलोनी के करीब 150 घरों में पानी घुस गया। इससे नाराज स्थानीय लोगों और भाजपा नेता के समर्थकों ने लोक निर्माण विभाग के अपर सहायक अभियंता को घेर लिया। इस दौरान Engineer Assault और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अधिकारी के साथ हाथापाई और उनके चेहरे पर मिट्टी लगाए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है।
मामले में दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। वहीं, प्रशासन की अनुमति की अनदेखी और कथित लापरवाही के मामले में लोनिवि तथा पुल निर्माण से जुड़े दो ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
इंद्रा कॉलोनी में पानी भरने से लोगों में आक्रोश
बताया गया कि भारी बारिश के बाद निर्माणाधीन लेवड़ा पुल के पास नदी का पानी ओवरफ्लो होकर इंद्रा कॉलोनी के घरों में पहुंच गया। पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई घर प्रभावित हुए।
स्थिति की जानकारी मिलने पर बाजपुर की एसडीएम ऋचा सिंह और तहसीलदार प्रताप चौहान सुबह करीब 9 बजे मौके पर पहुंच गए। प्रशासन की टीम ने राहत और बचाव कार्य शुरू कराया। स्थानीय लोगों ने जलभराव के लिए लोक निर्माण विभाग की कथित लापरवाही को जिम्मेदार बताते हुए अधिकारियों और भाजपा नेता राजेश कुमार के सामने अपनी नाराजगी जताई।
इंजीनियर के पहुंचते ही बिगड़ी स्थिति
दोपहर बाद लोक निर्माण विभाग के अपर सहायक अभियंता मौके पर पहुंचे। इसी दौरान भाजपा नेता राजेश कुमार और इंजीनियर के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि भाजपा नेता और उनके समर्थकों ने अधिकारी के साथ हाथापाई की और उनके चेहरे पर मिट्टी पोत दी।
दूसरी ओर, इंजीनियर पर भी भाजपा नेता का गिरेबान पकड़ने और धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद दोनों पक्षों ने बाजपुर कोतवाली में अपनी-अपनी शिकायत दी।
पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों से तहरीर प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। एसडीएम ऋचा सिंह ने भी मारपीट की घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए थी।
घटना का VIDEO सोशल मीडिया पर वायरल
बाजपुर में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग इंजीनियर को घेरे हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
हालांकि, वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी तय नहीं होती। पुलिस की जांच और दोनों पक्षों के बयान के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।
इंजीनियरों में नाराजगी, कार्यबहिष्कार की चेतावनी
इंजीनियर के साथ कथित मारपीट के बाद लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं में नाराजगी बढ़ गई है। जिला कार्यकारिणी की आपात बैठक में घटना की निंदा की गई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि दो दिन के भीतर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो कार्यबहिष्कार किया जा सकता है। संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाओं से अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मौके पर जाकर काम करना मुश्किल हो सकता है।
अपर सहायक अभियंता की ओर से भी पुलिस में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई है। अभियंताओं का आरोप है कि बारिश के कारण लेवड़ा पुल पर पानी भरने की स्थिति का निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार किया गया।
प्रशासन ने लापरवाही के मामले में भी की कार्रवाई
जलभराव की घटना के बाद प्रशासन ने निर्माण कार्य से जुड़े पहलुओं की भी जांच शुरू की है। प्रशासन के आदेशों की कथित अवहेलना और कार्य में लापरवाही के आरोप में लोक निर्माण विभाग तथा पुल निर्माण से जुड़े दो ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसडीएम ऋचा सिंह के अनुसार, इंद्रा कॉलोनी के करीब 150 घरों में पानी पहुंचने से लोगों को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नाराजगी के बावजूद मारपीट करना उचित नहीं है।
अब पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है, जबकि प्रशासन निर्माणाधीन पुल और जलभराव की स्थिति से जुड़े कारणों की पड़ताल में जुटा है।