एक बार कार्रवाई के बाद फिर शुरू हुई प्लॉटिंग, MDDA ने दोबारा चलाया ध्वस्तीकरण अभियान

देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध और अनधिकृत भू-विन्यास के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने देहरादून के रानीपोखरी क्षेत्र में करीब 150 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृति किए जा रहे प्लॉटिंग और विकास कार्यों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान मौके पर सड़क निर्माण और जमीन के सीमांकन से जुड़े काम भी किए जा रहे थे।

बिना स्वीकृत नक्शे के हो रही थी प्लॉटिंग

MDDA के निरीक्षण में सामने आया कि रानीपोखरी क्षेत्र में बड़े भू-भाग पर बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के भू-विन्यास किया जा रहा था। बताया गया कि जमीन को प्लॉट के रूप में विकसित करने के लिए सड़क बनाने और सीमांकन सहित अन्य विकास कार्य भी किए जा रहे थे। प्राधिकरण के अनुसार, इन गतिविधियों के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी।

अनधिकृत विकास कार्यों की जानकारी मिलने के बाद MDDA की टीम मौके पर पहुंची और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण एवं विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण ने साफ किया है कि स्वीकृत मानचित्र के बिना किसी भूमि पर प्लॉटिंग या अन्य विकास कार्य करना नियमों के अनुरूप नहीं है।

पहले 7 जुलाई को भी हुई थी कार्रवाई

रानीपोखरी के इसी स्थल पर अवैध निर्माण के खिलाफ MDDA पहले भी कार्रवाई कर चुका है। प्राधिकरण के मुताबिक, 7 जुलाई को भी यहां किए गए अनधिकृत निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया था। इसके बाद दोबारा उसी क्षेत्र में विकास कार्य किए जाने की जानकारी सामने आने पर MDDA की टीम ने फिर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।

लगातार दूसरी कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि प्राधिकरण अनधिकृत कॉलोनियों और बिना अनुमति की जा रही प्लॉटिंग को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। ऐसे मामलों में जमीन विकसित करने से पहले संबंधित प्राधिकरण से जरूरी स्वीकृति लेना अनिवार्य है।

MDDA ने दी कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी

MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण की अनुमति के बिना अवैध प्लॉटिंग, सड़क निर्माण, भूमि सीमांकन या किसी अन्य प्रकार का विकास कार्य नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद रानीपोखरी और आसपास के क्षेत्रों में अनधिकृत प्लॉटिंग तथा अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के बीच सख्ती का संदेश गया है। MDDA ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृति किए जा रहे विकास कार्यों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।