CM Dhami mentioned an old friend's name from the stage, and what happened next won hearts.
Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सादगी और पुराने साथियों के प्रति अपनापन एक बार फिर देखने को मिला। रुद्रपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री अपने संबोधन के बीच अचानक एक सिख युवक को मंच पर बुलाते नजर आए। इसके बाद मंच पर हुई बातचीत ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया।
CM धामी ने मंच से किया पुराने साथी का जिक्र
कार्यक्रम के दौरान एक युवक ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए कहा कि पुराने साथियों और अपनों को याद रखना ही उनकी खास पहचान है। युवक ने ऋषिकेश के सामाजिक कार्यकर्ता और मुख्यमंत्री के पुराने मित्र गगनदीप बेदी का भी जिक्र किया।
बताया गया कि जब मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर में अपने संबोधन के दौरान गगनदीप बेदी का नाम लिया तो वहां मौजूद लोगों में खुशी देखने को मिली। इसी दौरान युवक ने मुख्यमंत्री के व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि बड़े पद पर पहुंचने के बावजूद पुराने साथियों को याद रखना उनकी अलग पहचान है।
‘बड़े पद के बाद भी पुराने लोगों को याद रखना बड़ी बात’
मंच से मुख्यमंत्री के पुराने मित्र का जिक्र करते हुए युवक ने कहा कि किसी व्यक्ति का बड़े पद तक पहुंचना निश्चित तौर पर बड़ी उपलब्धि होती है। लेकिन उस मुकाम पर पहुंचने के बाद भी संघर्ष के दिनों में साथ देने वाले लोगों, दोस्तों और शुभचिंतकों को याद रखना उससे भी बड़ी बात है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि व्यक्ति जैसे-जैसे ऊंचे पद पर पहुंचता है, वैसे-वैसे पुराने साथियों और संघर्ष के समय साथ खड़े रहने वाले लोगों से दूरी बढ़ने लगती है। ऐसे में मुख्यमंत्री धामी का पुराने लोगों के प्रति अपनापन उन्हें अलग पहचान देता है।
सादगी और अपनापन बना चर्चा का विषय
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा पुराने साथी का नाम लेकर उन्हें याद करना और मंच पर बुलाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। समर्थकों और वहां मौजूद लोगों ने इसे मुख्यमंत्री के सहज व्यवहार और पुराने रिश्तों को महत्व देने से जोड़कर देखा।
मुख्यमंत्री धामी के इस अंदाज को लेकर यह बात भी सामने आई कि पद और जिम्मेदारी बढ़ने के बावजूद पुराने रिश्तों को याद रखना व्यक्ति की सादगी और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
‘अपनों के लिए दिल में जगह बनी रहे’
कार्यक्रम से जुड़ी इस घटना ने यह संदेश दिया कि सार्वजनिक जीवन में बड़ी जिम्मेदारी संभालने के बावजूद पुराने रिश्तों और संघर्ष के दिनों के साथियों को याद रखना लोगों के बीच एक अलग छवि बनाता है।
मुख्यमंत्री धामी द्वारा गगनदीप बेदी का सार्वजनिक मंच से जिक्र किए जाने को उनके समर्थक इसी आत्मीयता और अपनत्व की मिसाल के तौर पर देख रहे हैं। पद भले ही कितना भी बड़ा क्यों न हो, पुराने साथियों और शुभचिंतकों के लिए सम्मान और जगह बनाए रखना ही इस पूरे प्रसंग का सबसे खास पहलू रहा।