रुद्रप्रयाग में बादल फटने से मचा हड़कंप, 150 मीटर इलाके में भारी लैंडस्लाइड

उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर लोगों और यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। रुद्रप्रयाग जिले में तड़के चिरबासा हेलीपैड के पास बादल फटने (Cloudburst) की घटना के बाद पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर गिरने लगे। इसके चलते करीब 150 मीटर के क्षेत्र में लैंडस्लाइड हुआ और कुछ समय के लिए केदारनाथ यात्रा भी रोकनी पड़ी।

चिरबासा हेलीपैड के पास हुआ लैंडस्लाइड

जानकारी के मुताबिक, रुद्रप्रयाग में चिरबासा हेलीपैड के नजदीक सुबह के समय अचानक बादल फटने के बाद पहाड़ी क्षेत्र में तेज मलबा आया। करीब 150 मीटर के हिस्से में भारी लैंडस्लाइड होने से रास्ते पर आवाजाही प्रभावित हुई।

पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिरने के कारण सुरक्षा को देखते हुए Kedarnath Yatra को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। प्रशासन और संबंधित टीमों की निगरानी के बाद यात्रियों की आवाजाही दोबारा शुरू कर दी गई है।

यात्रियों की आवाजाही शुरू, घोड़े-खच्चरों पर रोक

आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार, फिलहाल घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यात्रियों की आवाजाही शुरू कर दी गई है, हालांकि घोड़े और खच्चरों की आवाजाही पर अभी रोक जारी है।

लैंडस्लाइड वाले क्षेत्र में पहाड़ी से बोल्डर गिरने की स्थिति को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। मौसम और रास्ते की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तराखंड के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए Yellow Alert जारी किया गया है। कई पर्वतीय जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका है।

देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा पर निकले पर्यटकों व तीर्थयात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत है।

केदारनाथ यात्रा पर मौसम का असर

केदारनाथ धाम जाने वाले यात्रियों के लिए बारिश और भूस्खलन लगातार चुनौती बन रहे हैं। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के दौरान अचानक landslide, falling boulders और road blockage का खतरा बढ़ जाता है।

रुद्रप्रयाग की ताजा घटना के बाद प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फिलहाल पैदल यात्रियों की आवाजाही शुरू हो चुकी है, जबकि घोड़े-खच्चरों को लेकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है।