Amid the controversy over the mimicry of PM Modi, Dhami attacks Rahul, says—understand the dignity of the office.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी की है। एक कार्यक्रम में धामी ने राहुल गांधी के बयानों और उनके हालिया इंदौर कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर रहते हुए उनसे अधिक जिम्मेदारी और गरिमा की अपेक्षा की जाती है। धामी ने राहुल गांधी पर देश और सेना से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने का आरोप भी लगाया।
‘नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा रहनी चाहिए’
मुख्यमंत्री धामी ने राहुल गांधी के हालिया राजनीतिक बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद महत्वपूर्ण और सम्मानित संवैधानिक जिम्मेदारी वाला पद है। उनके मुताबिक, इस पद पर रहते हुए सार्वजनिक बयानों में गंभीरता और जिम्मेदारी दिखाई देनी चाहिए।
धामी ने इंदौर के एक कार्यक्रम का संदर्भ देते हुए राहुल गांधी पर कटाक्ष किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक कार्यक्रम में बुजुर्ग महिला को सम्मान देने के बाद राहुल गांधी इंदौर में ‘सबसे बड़ा कॉमेडियन बनने की कोशिश’ कर रहे थे। यह टिप्पणी धामी के राजनीतिक बयान का हिस्सा थी।
सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कई बार सैन्य अभियानों की कार्रवाई और उनके प्रमाण को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
धामी ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि सेना के शौर्य और सैन्य अभियानों पर सवाल उठाने से जवानों के मनोबल पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इन टिप्पणियों को धामी के राजनीतिक आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए।
अजित डोभाल को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना
धामी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को लेकर राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोग डोभाल के बारे में की गई टिप्पणियों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राहुल गांधी की राजनीतिक शैली पर भी सवाल उठाया और कहा कि विपक्ष के नेता को अपने संवैधानिक दायित्वों के अनुरूप मुद्दों को उठाना चाहिए।
क्या था इंदौर का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम?
राहुल गांधी ने 19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इस दौरान उन्होंने छात्रों से शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, पेपर लीक और अन्य मुद्दों पर संवाद किया था। यह कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ श्रृंखला का पांचवां संस्करण था।
कार्यक्रम के दौरान स्टैंड-अप कॉमेडियन और मिमिक्री आर्टिस्ट पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की थी। इसको लेकर भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी और कार्यक्रम के आयोजकों पर सवाल उठाए थे। घटना की रिपोर्टिंग में इसे लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद का उल्लेख किया गया है।
भाजपा ने भी राहुल गांधी पर साधा निशाना
इंदौर कार्यक्रम के बाद भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम को छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर संवाद का मंच बताया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ताजा टिप्पणी से उत्तराखंड में भी राहुल गांधी और कांग्रेस को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है।