अमित शाह और सीएम धामी ने हेमा नेगी करासी को किया सम्मानित, लोकसंस्कृति में योगदान की सराहना

उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पारंपरिक संगीत को देश-दुनिया में पहचान दिलाने के लिए लंबे समय से काम कर रहीं लोकगायिका एवं जागर गायिका हेमा नेगी करासी को उत्तराखंड गौरव सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया है। देहरादून में शुक्रवार को आयोजित राज्य स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। करीब 25 वर्षों से लोकसंगीत और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में जुटी हेमा नेगी करासी के योगदान को इस सम्मान के जरिए सराहा गया।

लोकविधाओं के संरक्षण में अहम योगदान

हेमा नेगी करासी को यह सम्मान उत्तराखंड की पारंपरिक लोकविधाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए किए गए कार्यों के लिए दिया गया है। उन्होंने अपने गायन के माध्यम से गढ़वाल की लोकआस्था, देवी-देवताओं से जुड़ी मान्यताओं और पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया है।

उनके आछरी जागर, नागराज जागर, चंडिका भजन, पारंपरिक जागर गायन और मंगल गीतों ने उत्तराखंड की लोकसंगीत परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ने में भूमिका निभाई है। उनकी गायकी में लोकभाषा, पारंपरिक वेशभूषा और गढ़वाल की सांस्कृतिक पहचान की झलक देखने को मिलती है।

मंचीय प्रस्तुतियों से आगे लोकपरंपराओं को संजोने का प्रयास

हेमा नेगी करासी ने लोकगीतों और जागर गायन को केवल मंचीय प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रखा। वह पीढ़ियों से चली आ रही लोकपरंपराओं के संरक्षण, संकलन और दस्तावेजीकरण की दिशा में भी काम करती रही हैं। उनके प्रयासों का उद्देश्य पारंपरिक लोकसंगीत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाना है।

कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कारों से हो चुकी हैं सम्मानित

लोकसंगीत के क्षेत्र में उनके योगदान को पहले भी कई मंचों पर सम्मान मिल चुका है। वर्ष 2026 में उन्हें अडानी प्रेजेंट्स अमेजिंग इंडिया अवार्ड से भी नवाजा गया। इससे पहले संगीत नाटक अकादमी, भारत सरकार की ओर से लोकसंगीत के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार-2024 प्रदान किया गया था। यह पुरस्कार 19 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में दिया गया।

इसके अलावा उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2025 में उन्हें तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया था। वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ लोकगायिका के रूप में यूथ आइकॉन नेशनल अवार्ड दिया था।

लोकसंस्कृति के संरक्षण के प्रयासों को मिलेगी प्रेरणा

हेमा नेगी करासी की इस उपलब्धि पर एचएनके सांस्कृतिक सेवा ट्रस्ट की ओर से भी खुशी जताई गई। ट्रस्ट ने उन्हें बधाई देते हुए उम्मीद व्यक्त की कि उनके मार्गदर्शन में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और प्रचार-प्रसार से जुड़े प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।

उत्तराखंड गौरव सम्मान-2026 को हेमा नेगी करासी की व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ प्रदेश के लोककलाकारों और पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह सम्मान उन कलाकारों के समर्पण को पहचान देता है, जो बदलते समय में लोकभाषाओं, पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।