G7 शिखर सम्मेलन 2025: पीएम मोदी पहुंचे कनाडा, वैश्विक मंच पर भारत की दमदार मौजूदगी!

कनाडा इस वर्ष G7 शिखर सम्मेलन 2025 की मेज़बानी कर रहा है और इस बार भी भारत को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 और 17 जून को कनाडा के अल्बर्टा स्थित कनानास्किस शहर में आयोजित हो रहे इस वैश्विक सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। यह जी7 में पीएम मोदी की लगातार छठी भागीदारी है, जो भारत की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाता है।

 क्या है G7 और क्यों है यह अहम?

G7 (Group of Seven) दुनिया की सात सबसे विकसित और समृद्ध अर्थव्यवस्थाओं का समूह है – अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और ब्रिटेन। ये देश वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

हर साल G7 की अध्यक्षता एक अलग देश करता है, और इस बार कनाडा को यह जिम्मेदारी मिली है। परंपरा के अनुसार, मेज़बान देश कुछ चुनिंदा देशों को विशेष आमंत्रण देता है – इस साल भारत, सऊदी अरब, यूक्रेन सहित कई देशों को बुलाया गया है।

भारत की भूमिका और मोदी का एजेंडा

इस वर्ष की बैठक में पीएम मोदी की उपस्थिति कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है:

  • ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security)

  • प्रौद्योगिकी में नवाचार (Innovation in Technology)

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर संवाद

  • इजराइल-ईरान संघर्ष जैसे वैश्विक मुद्दों पर चर्चा

मोदी दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ बाइलैटरल मीटिंग्स भी करेंगे और भारत की वैश्विक भूमिका को और सशक्त बनाएंगे।

2018 के G7 शिखर सम्मेलन की कड़वी यादें

2018 में जब डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका के राष्ट्रपति थे, उन्होंने कनाडा में आयोजित G7 बैठक में अंतिम घोषणा-पत्र (Joint Communiqué) पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था।
उन्होंने कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को “बहुत बेईमान और कमजोर” तक कह दिया था।
2025 में भी ट्रम्प एक बार फिर वैश्विक मंच पर सक्रिय हो चुके हैं, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार अमेरिका का रुख क्या रहता है।


📍 कनानास्किस: G7 समिट की भव्य मेज़बानी

कनाडा की रॉकी पर्वत श्रृंखला में स्थित खूबसूरत कनानास्किस शहर को शिखर सम्मेलन के लिए चुना गया है। यहाँ पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और विश्व नेताओं के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

क्या कहा पीएम मोदी ने?

रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने एक बयान में कहा:

“G7 एक ऐसा मंच है जहां वैश्विक समाधान, समावेशी विकास और तकनीक आधारित भविष्य की दिशा तय होती है। भारत इस मंच पर अपनी भूमिका को लेकर प्रतिबद्ध है।”

G7 सम्मेलन 2025 सिर्फ विकसित देशों की चर्चा नहीं, बल्कि भारत जैसे विकासशील देशों की आवाज़ को भी मंच देने का प्रतीक बनता जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी न सिर्फ भारत की कूटनीतिक ताकत को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक नीतियों में देश की सक्रिय भागीदारी की भी पुष्टि करती है।
क्या G7 इस बार एकजुटता दिखा पाएगा या फिर पुराने विवादों की परछाइयां फिर लौटेंगी?