Indus Water Agreement पर फिर भिड़े भारत-पाकिस्तान, अब वियना में होगी अगली Hearing!

सिंधु जल संधि विवाद (Indus Water Treaty Dispute) एक बार फिर सुर्खियों में है, क्योंकि पाकिस्तान ने इस मुद्दे को वियना (Vienna) में तटस्थ विशेषज्ञ के समक्ष ले जाने का फैसला किया है। पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि तटस्थ विशेषज्ञ कार्यवाही (Neutral Expert Proceedings) का अगला चरण 17 से 21 नवंबर तक वियना में आयोजित होगा।
यह संधि, जो World Bank की मध्यस्थता में 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी, सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के जल बंटवारे और उपयोग को नियंत्रित करती है।

India-Pakistan Tensions Over Indus Treaty

भारत ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद, जिसमें पाकिस्तानी आतंकियों ने 26 लोगों की हत्या की थी, Indus Water Treaty को Suspend करने की घोषणा की थी।
इसके जवाब में पाकिस्तान ने 19 सितंबर को संधि के प्रावधानों के तहत भारत के खिलाफ Arbitration Proceedings शुरू कर दी थीं।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, Permanent Court of Arbitration (PCA) ने हाल ही में सिंधु जल संधि की व्याख्या से जुड़े कुछ पहलुओं पर स्पष्टीकरण जारी किया है और यह स्पष्ट किया है कि Neutral Expert Proceedings चरणबद्ध तरीके से जारी रहेंगी — चाहे भारत इसमें भाग ले या नहीं।

Pakistan’s Active Role vs India’s Non-Participation

पाकिस्तान ने दावा किया कि वह Good Faith के साथ इस प्रक्रिया में शामिल है, जबकि भारत ने अपनी भागीदारी रोक दी है।
हालांकि, तटस्थ विशेषज्ञ ने यह निर्णय दिया है कि India’s Non-Participation के बावजूद कार्यवाही जारी रहेगी।
इससे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठाने का अवसर मिल गया है।

India’s Plan to Use Indus Water Domestically

उधर, भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हाल ही में कहा था कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि के निलंबन के चलते जो Water Resources बचेंगे, उन्हें अब Delhi, Haryana और Rajasthan में उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आने वाले एक से डेढ़ साल में यह पानी घरेलू उपयोग और कृषि जरूरतों के लिए तीनों राज्यों तक पहुंचाया जाएगा।

Indus Water Treaty का यह विवाद अब केवल जल बंटवारे तक सीमित नहीं रह गया है। यह भारत-पाकिस्तान के बीच Geopolitical Rivalry का नया चेहरा बन चुका है।
जहां पाकिस्तान International Forums का सहारा ले रहा है, वहीं भारत Internal Water Management Projects पर फोकस कर रहा है।
अब सबकी निगाहें Vienna Hearing (17–21 November) पर हैं, जहां यह तय होगा कि आगे इस विवाद की दिशा क्या होगी।