अल फलाह यूनिवर्सिटी पर बढ़ा शक! जिन Doctors को कॉलेजों ने निकाला, उन्हीं को दी नौकरी

दिल्ली ब्लास्ट (Delhi Blast) मामले में फरीदाबाद की Al Falah University अब जांच एजेंसियों के रडार पर है। ये वही यूनिवर्सिटी है जहां से कथित तौर पर White Collar Terror Module संचालित हो रहा था। इस मॉड्यूल में शामिल तीन डॉक्टर – Dr. Muzammil Shakeel, Dr. Shaheen Shahid और Dr. Umar Nabi – सभी इस यूनिवर्सिटी से जुड़े थे।
इन तीनों में से दो डॉक्टरों के करियर पर पहले से ही Red Marks और Disciplinary Actions लगे थे, बावजूद इसके, उन्हें यूनिवर्सिटी में नौकरी पर रख लिया गया। इससे अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने जानबूझकर इन लोगों को भर्ती किया था या फिर उनके बैकग्राउंड की जांच ही नहीं की गई?

दागदार करियर, फिर भी नौकरी — कैसे चूक गया Background Verification?

जांच एजेंसियों के मुताबिक, Dr. Umar Nabi को Jammu & Kashmir के एक Medical College से Radicalisation के आरोपों में बर्खास्त किया गया था। Dr. Nisar-ul-Hassan को 2023 में उपराज्यपाल ने terror links के कारण नौकरी से निकाला। वहीं Dr. Shaheen Shahid को Kanpur Medical College से लगातार अनुपस्थिति के चलते हटा दिया गया था। इतनी विवादित पृष्ठभूमि के बावजूद तीनों को Al Falah University Medical College में भर्ती कर लिया गया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि क्या यह नियुक्तियां किसी “specific agenda” के तहत की गई थीं।

Al Falah University Under NIA Radar: विदेशी फंडिंग पर जांच

Al Falah Charitable Trust, जो इस यूनिवर्सिटी का संचालन करता है, Okhla (Delhi) में रजिस्टर्ड है और इसके Founder-Chancellor Jawahar Ahmed Siddiqui हैं।
सूत्रों के अनुसार, यूनिवर्सिटी को Arab Nations से Annual Funding मिलती है। अब NIA और ED इस फंडिंग के स्रोतों और उनके उपयोग की गहन जांच कर रही हैं।
2014 में हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट के तहत इसे विश्वविद्यालय का दर्जा मिला था। 2019 में इसका मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ और 2023 में MD और MS Courses की शुरुआत की गई। दिलचस्प बात यह है कि कॉलेज की Medical Faculty और Students का अधिकांश हिस्सा Jammu & Kashmir से आता है।

कैंपस से जुड़ी मस्जिद और 2900 किलो विस्फोटक का कनेक्शन

शक का दायरा तब और बढ़ गया जब Al Falah University campus से सटी मस्जिद के इमाम, मौलाना इश्तियाक, को भी Police Custody में लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, मौलाना इश्तियाक पिछले 20 सालों से उसी मस्जिद में इमामत कर रहा था और उसे वहीं रहने के लिए घर भी मिला हुआ था।
यही इश्तियाक Dr. Muzammil Shakeel के संपर्क में आया और दोनों में नजदीकियां बढ़ीं। बाद में इश्तियाक ने फतेहपुरा तगा इलाके में एक घर खरीदा, जिसका एक हिस्सा उसने Dr. Muzammil को किराए पर दे दिया।
इसी किराए के घर से 8-9 नवंबर 2025 को 2900 किलो Explosives बरामद हुए, जिससे दिल्ली ब्लास्ट मॉड्यूल की जड़ें और गहरी हो गईं।

University का बचाव, लेकिन सवाल बाकी

Al Falah University Management ने बयान जारी कर कहा कि गिरफ्तार किए गए डॉक्टरों से उसका संबंध केवल Professional Level तक सीमित था।
हालांकि, एजेंसियां इसे इतना आसान नहीं मान रही हैं। जांच अधिकारी अब यूनिवर्सिटी के 70-acre campus, उसके charitable trust records और faculty communication network की जांच में जुटे हैं।