Cheteshwar Pujara Retirement: शशि थरूर ने क्यों घेरा BCCI?

भारतीय टेस्ट क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाज Cheteshwar Pujara ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास (Retirement) का ऐलान कर दिया है। उनके इस फैसले ने न केवल फैंस को भावुक किया बल्कि राजनीति जगत से भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। Senior Congress Leader और Cricket Enthusiast शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने BCCI को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पुजारा को उनकी उपलब्धियों के अनुरूप एक सम्मानजनक विदाई (Honourable Farewell) मिलनी चाहिए थी।

शशि थरूर का बयान

शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर लिखा:

“चेतेश्वर पुजारा के रिटायरमेंट से दुखी हूं। भले ही हाल ही में टीम से बाहर होना तय था, लेकिन भारत के लिए उनके शानदार टेस्ट करियर को देखते हुए उन्हें कुछ और मौके मिल सकते थे। वह सम्मानजनक विदाई के हकदार थे।”

थरूर ने आगे कहा कि जब पुजारा को टीम से बाहर किया गया, तब भी उन्होंने Domestic Cricket में शानदार प्रदर्शन कर दमदार वापसी की, लेकिन चयनकर्ताओं ने उनसे आगे बढ़ने का फैसला कर लिया।

पुजारा का टेस्ट करियर

103 टेस्ट मैच खेले

7,195 रन बनाए, औसत 43.60

19 शतक और 3 दोहरे शतक

आखिरी टेस्ट: WTC Final 2023 बनाम ऑस्ट्रेलिया

वनडे करियर: सिर्फ 5 मैच, 50 रन के आसपास

पुजारा को अक्सर “The Wall 2.0” कहा गया क्योंकि वह मुश्किल परिस्थितियों में क्रीज़ पर डटे रहते थे, ठीक वैसे ही जैसे राहुल द्रविड़।

थरूर का निजी अनुभव

शशि थरूर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह हाल ही में पुजारा की पत्नी की किताब “A Cricketer’s Wife’s Diary” पढ़ रहे थे। इस किताब से उन्हें अंदाज़ा हुआ कि पुजारा ने भारतीय टीम के लिए इतने लंबे और मुश्किल करियर में कितनी मेहनत और त्याग किए।

चेतेश्वर पुजारा ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट को स्थिरता और भरोसा दिया। उनकी पारियां न केवल मैच बचाती थीं बल्कि भारत को जीत की राह पर भी ले जाती थीं। लेकिन उनके रिटायरमेंट को लेकर Farewell Match न मिलने की बात अब विवाद का कारण बन गई है।

फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स की तरह शशि थरूर का मानना है कि BCCI को पुजारा को विदाई देने का मौका देना चाहिए था।

यह बहस आने वाले समय में और भी तेज़ हो सकती है क्योंकि भारत में Farewell Matches की परंपरा हमेशा चर्चा का विषय रही है।