INDIA Alliance में दरार! JPC पर क्यों बंट गया विपक्ष?

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले BJP (भारतीय जनता पार्टी) ने विपक्षी दलों के बीच बड़ा राजनीतिक दांव चला है। संसद में पेश किए गए तीन विवादित विधेयकों को लेकर गठित Joint Parliamentary Committee (JPC) में शामिल होने पर INDIA Alliance (इंडिया गठबंधन) दो हिस्सों में बंट गया है।

जहां Congress इस समिति में भाग लेने के पक्ष में है, वहीं TMC (Trinamool Congress) और SP (Samajwadi Party) ने साफ कह दिया कि वे JPC का हिस्सा नहीं बनेंगे।

विवादित Bills और JPC का गठन

लोकसभा में हाल ही में तीन अहम विधेयक पेश हुए:

Government of Union Territories (Amendment) Bill 2025

Constitution (130th Amendment) Bill 2025

Jammu & Kashmir Reorganisation (Amendment) Bill 2025

इन विधेयकों के तहत प्रावधान है कि अगर कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री 30 दिनों तक हिरासत में रहता है, तो उसे पद से हटाना होगा। केंद्र ने इन बिलों को JPC के पास भेजा है।

Congress क्यों JPC में शामिल होना चाहती है?

कांग्रेस का मानना है कि JPC की कार्यवाही में शामिल होकर वे अपने तर्क और विरोध दर्ज कर सकते हैं।

Congress Leadership को डर है कि अगर विपक्ष समिति से बाहर रहेगा तो कार्यवाही One-Sided हो जाएगी।

पार्टी चाहती है कि DMK, NCP, RJD, JMM जैसे सहयोगी भी इसमें शामिल हों।

सूत्रों के मुताबिक, Left Parties (वाम दल) भी JPC में शामिल होने के पक्ष में हैं।

TMC और SP का सख्त विरोध

TMC के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने JPC को “बेकार और बेमतलब” करार दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार JPC को केवल “Political Drama” बनाने की कोशिश कर रही है।

Samajwadi Party (SP) ने भी अपने किसी सदस्य को JPC में न भेजने का फैसला किया है।

Uddhav Thackeray की शिवसेना भी अभी शामिल न होने पर विचार कर रही है।

AAP का आरोप: असली मकसद सरकारें गिराना

हाल ही में INDIA Bloc से अलग हुई Aam Aadmi Party (AAP) ने भी JPC का बहिष्कार किया है।

AAP नेता Sanjay Singh ने X (Twitter) पर लिखा कि “भ्रष्टाचारियों के सरदार भ्रष्टाचार विरोधी बिल नहीं ला सकते।”

AAP का दावा है कि इन बिलों का असली उद्देश्य विपक्षी सरकारों को फर्जी मामलों में फंसाकर गिराना है।

विपक्षी Unity पर बड़ा सवाल

दिलचस्प यह है कि महज़ एक हफ्ते पहले जब गृह मंत्री Amit Shah ने ये बिल लोकसभा में पेश किए थे, तब पूरा विपक्ष एकजुट होकर इसका विरोध कर रहा था।

लेकिन JPC गठन के मुद्दे पर विपक्षी दल दो खेमों में बंट गए:

Congress + Left + Regional Allies (DMK, RJD, NCP, JMM) – JPC में शामिल होने के पक्ष में।

TMC, SP, AAP और संभवतः Uddhav Sena – JPC का बहिष्कार करने के पक्ष में।

Neutral दलों की भूमिका

कांग्रेस को यह भी आशंका है कि अगर विपक्ष समिति से बाहर रहा तो Neutral Parties (जैसे BJD, YSRCP, BRS) JPC में शामिल होकर विपक्षी भूमिका निभा सकते हैं। इससे INDIA Bloc का राजनीतिक प्रभाव कमज़ोर पड़ सकता है।

BJP के इस दांव ने साबित कर दिया है कि विपक्षी एकजुटता (INDIA Alliance Unity) अभी भी कमजोर कड़ी है।

Bihar Election 2025 से पहले ही विपक्ष दो हिस्सों में बंट गया है।

यह विभाजन BJP के लिए चुनावी रणनीति में मददगार साबित हो सकता है।

सवाल यह है कि क्या कांग्रेस अपने सहयोगियों को JPC में ला पाएगी या विपक्षी फूट और गहरी होगी?