Dowry Death in Greater Noida: क्या सिर्फ Mercedes और पैसों की लालच ने ले ली निक्की की जान?

ग्रेटर नोएडा में दहेज की बढ़ती मांगों ने एक और बेटी की जान ले ली। निक्की नाम की महिला को उसके ससुरालवालों ने कथित रूप से जला कर मार दिया। पीड़िता के पिता और परिवार ने आरोप लगाया है कि निक्की के पति और ससुरालवाले लगातार दहेज की मांग बढ़ाते रहे – कभी Scorpio, कभी Bullet Motorcycle, कभी 36 लाख रुपए, और आखिर में Mercedes या 60 लाख रुपए की मांग ने उनकी जिंदगी तबाह कर दी।

पिता की पीड़ा: “अब भूख हड़ताल करूंगा”

निक्की के पिता भिखारी सिंह ने कहा:

शादी में स्कॉर्पियो और बुलेट बाइक दी गई।

बाद में 36 लाख रुपए मांगे जाने लगे।

कई बार पंचायत बैठी, लेकिन ससुरालवालों का रवैया नहीं बदला।

अब वह बेटी के इंसाफ के लिए भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दे रहे हैं।
उनका कहना है कि अगर यह “योगी सरकार” है तो आरोपियों के खिलाफ बुलडोज़र एक्शन और एनकाउंटर होना चाहिए।

Mercedes या 60 लाख रुपए की डिमांड

एक रिश्तेदार ने बताया कि विपिन (निक्की का पति) पिछले एक साल से ज्यादा समय से कह रहा था कि या तो उसे Mercedes Car दे दो या 60 लाख रुपए। निक्की की माँ ने भी बताया कि शादी में उन्होंने 30 तोला सोना, Scorpio और गहने दिए थे, लेकिन फिर भी ससुरालवालों ने बेटियों को कभी चैन से नहीं रहने दिया।

माँ का दर्द: “अच्छे दिन कभी नहीं आए”

निक्की की माँ ने कहा:

“बेटी मुझे हमेशा कहती थी कि अच्छे दिन आएंगे… लेकिन वे कभी नहीं आए।”
उन्होंने बताया कि बच्चों के जन्म पर भी गिफ्ट और सोना दिया गया, फिर भी उत्पीड़न बंद नहीं हुआ।

बहन कंचन का बयान

निक्की की बहन कंचन, जिसकी शादी भी उसी परिवार में हुई थी, ने आरोप लगाया:

उन्हें और निक्की को कई बार पीटा गया।

निक्की से 36 लाख रुपए की मांग की गई।

निक्की पर तेजाब फेंका गया और उसके बच्चे के सामने आग लगा दी गई।

विरोध करने पर कंचन को भी बुरी तरह मारा गया और वह पूरे दिन बेहोश पड़ी रही।
कंचन ने कहा कि ससुरालवाले चाहते थे कि निक्की रास्ते से हट जाए ताकि उसका पति विपिन दोबारा शादी कर सके।

यह मामला सिर्फ एक Dowry Harassment Case नहीं बल्कि भारत में दहेज की काली सच्चाई को फिर से उजागर करता है। निक्की और उसकी बहन ने 9 साल तक यातना झेली, लेकिन आखिर में निक्की को जान से हाथ धोना पड़ा।
अब सवाल यह है कि क्या Uttar Pradesh Police और Yogi Government इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी या फिर यह भी एक आंकड़ा बनकर रह जाएगा?