Britain ने भी थामा फिलिस्तीन का हाथ? इजरायल को सितंबर तक अल्टीमेटम

फ्रांस के बाद अब ब्रिटेन भी Palestine को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। प्रधानमंत्री Keir Starmer ने मंगलवार को संकेत दिए कि अगर इजरायल ने Gaza Strip में war ceasefire की ओर ठोस कदम नहीं उठाए, तो Britain सितंबर 2025 में UN General Assembly में फिलिस्तीन को एक sovereign state के रूप में मान्यता दे देगा।

 Israel को चेतावनी, Hamas के सामने शर्तें

डाउनिंग स्ट्रीट से अपने औपचारिक संबोधन में UK Prime Minister ने Hamas से भी सख्त शब्दों में मांग की:

7 अक्टूबर को पकड़े गए सभी Israeli hostages को तुरंत रिहा किया जाए

Ceasefire पर तुरंत सहमति जताई जाए

Hamas खुद को Gaza के शासन से अलग करे

सभी weapons surrender किए जाएं

मान्यता दी जाए कि भविष्य में Gaza के administrative role में कोई दखल नहीं होगा

 Britain की नीति में बड़ा बदलाव: अब नहीं रुकेगी मान्यता?

Keir Starmer ने अपने संबोधन में कहा:

“हम हमेशा से फिलिस्तीन को मान्यता देने के पक्ष में रहे हैं, लेकिन तभी जब यह कदम दो-राष्ट्र समाधान की दिशा में निर्णायक साबित हो। लेकिन अब जब यही समाधान खतरे में है, तो यह वक्त है decisive action का।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि Israel ने Gaza में हालात सुधारने और sustainable peace की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की, तो UK फिलिस्तीन को मान्यता देने वाला अगला G7 देश बन जाएगा।

 UNGA 2025: सितंबर में तय होगा बड़ा भविष्य

Starmer ने कहा कि सितंबर में यह आकलन किया जाएगा कि Israel और Hamas ने उनकी बताई गई conditions को किस हद तक पूरा किया। इस प्रक्रिया में शामिल प्रमुख बिंदु होंगे:

UN humanitarian aid की supply बहाल करना

Gaza में सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित करना

West Bank पर कोई नया कब्जा न किया जाए

Peace framework को revive करना

 Donald Trump से भी हुई बातचीत

प्रधानमंत्री Starmer ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में Scotland में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump से मुलाकात की, जहां इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बातचीत के बाद Gaza में humanitarian supply को फिर से शुरू कराने की दिशा में एक अहम प्रयास संभव हुआ है।

 “Safe Israel, Sovereign Palestine”: Starmer की Vision

Starmer ने दोहराया कि ब्रिटेन की नीति स्पष्ट है:

“हम एक सुरक्षित और संरक्षित इजरायल के साथ-साथ एक व्यवहारिक और संप्रभु फिलिस्तीन राष्ट्र को देखना चाहते हैं। लेकिन आज यह लक्ष्य पहले से कहीं अधिक खतरे में है।”

यह बयान ऐसे समय आया है जब France पहले ही Palestine Recognition की घोषणा कर चुका है, जिससे G7 देशों में दबाव और भी बढ़ गया है।