Women’s Heart Health in India: एक ‘Silent Killer’ बनता जा रहा है हार्ट अटैक

भारत में महिलाओं के हृदय स्वास्थ्य को लेकर एक अदृश्य और खतरनाक संकट तेजी से उभर रहा है, जिसे कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विजय डिसिल्वा ने ‘Silent Crisis’ करार दिया है। उन्होंने चेताया कि महिलाओं में हार्ट डिजीज की अनदेखी उन्हें गंभीर खतरे में डाल सकती है और सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस पर बात ही नहीं होती।

 हृदय रोग: भारतीय महिलाओं की सबसे बड़ी लेकिन अनदेखी जानलेवा बीमारी

Global Burden of Disease के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में महिलाओं की कुल मौतों में 16.9% हृदय रोगों के कारण होती हैं। महिलाएं अक्सर सीने में दर्द के बिना हार्ट अटैक का अनुभव करती हैं, जिससे वे सही समय पर चिकित्सा सहायता नहीं लेतीं।

महिलाओं के हृदय स्वास्थ्य को गंभीरता से क्यों नहीं लिया जाता?

डॉ. डिसिल्वा के अनुसार स्वास्थ्य सेवा प्रदाता भी महिलाओं के दिल के लक्षणों को अक्सर अन्य कारणों से जोड़ देते हैं। खासकर युवा महिलाओं या डायबिटीज से पीड़ितों में हार्ट डिजीज के लक्षण छुपे होते हैं। Exercise Stress Test जैसी जांच महिलाओं में गलत-सकारात्मक परिणाम भी दे सकती है, जिससे डायग्नोसिस में देर होती है।

Heart Risk को कम करने के लिए ज़रूरी Life Changes

डॉ. डिसिल्वा ने महिलाओं के लिए प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी की सलाह दी:

18 साल की उम्र के बाद हर साल हृदय जांच कराएं

 हृदय जोखिम मूल्यांकन उपकरण जैसे Prevent Calculator का प्रयोग करें

 पारिवारिक इतिहास होने पर ज्यादा सतर्क रहें (High BP, Diabetes, Heart Attack)

 बेहतर Heart Health के लिए अपनाएं ये Lifestyle Tips

रोज़ाना 7-8 घंटे की नींद लें Alcohol और Tobacco से दूर रहें संतुलित वजन बनाए रखें रोज़ाना शारीरिक व्यायाम करें Low Carb या Mediterranean Diet अपनाएं

Digital हेल्थ का लाभ उठाएं

Online Consultations और Telehealth प्लेटफॉर्म महिलाओं को शुरुआती सलाह और समय रहते इलाज का विकल्प देते हैं। इससे महिलाएं बिना झिझक और देरी के विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर सकती हैं।

 Women’s Heart Health को नजरअंदाज करना अब नहीं चलेगा

भारतीय समाज में महिलाओं का हृदय स्वास्थ्य एक गंभीर और मौन संकट है। अब वक्त आ गया है कि महिलाओं की हृदय से जुड़ी ज़रूरतों को स्वास्थ्य एजेंडा में प्राथमिकता दी जाए। नियमित जांच, सही जानकारी और जीवनशैली में बदलाव से हम हृदय रोगों से महिलाओं की जान बचा सकते हैं।