Will the FIR be withdrawn or not? Delhi Police gives a major update on the CJP protest case.
CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने की घोषणा के बाद भी दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह केवल सक्षम प्राधिकारी से आधिकारिक निर्देश मिलने के बाद ही इस संबंध में कार्रवाई करेगी। राजधानी में प्रदर्शन और हिंसा से जुड़े मामलों में अब तक विभिन्न थानों में 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
सरकार ने दिया था मामलों की वापसी का आश्वासन
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रतिनिधियों सौरभ दास और अभिषेक रंका ने बताया था कि सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने पर सहमत हुई है। हालांकि, इस प्रक्रिया के लिए औपचारिक आदेश जारी होना अभी बाकी है।
क्या सभी केस बंद हो जाएंगे?
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होने पर भी हिंसा के पीछे किसी संभावित बड़ी साजिश की जांच प्रभावित नहीं होगी। पुलिस का कहना है कि यदि किसी मामले में व्यापक आपराधिक षड्यंत्र, हिंसा भड़काने या अन्य गंभीर आरोपों की जांच चल रही है, तो वह जांच नियमानुसार जारी रहेगी।
डिजिटल सबूत और CCTV फुटेज की जांच जारी
पुलिस हिंसा से जुड़े घटनाक्रम की जांच के लिए CCTV फुटेज, मोबाइल फोन रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयान खंगाल रही है। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी साक्ष्यों की समीक्षा के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
झड़प में पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी हुए थे घायल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में 200 से अधिक पुलिसकर्मी और लगभग 70 प्रदर्शनकारी घायल हुए। इसके अलावा कई सरकारी वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। इन घटनाओं से जुड़े मामलों की जांच अभी जारी है।
सोशल मीडिया गतिविधियों की भी हो रही जांच
जांच एजेंसियां आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कई संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की गई है और उनकी गतिविधियों की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी भूमिका या जिम्मेदारी पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।