Rishikesh Ram Jhula: दिसंबर तक बंद रहेगा ऋषिकेश का प्रसिद्ध राम झूला, जानिए वजह और कब तक शुरू होगी आवाजाही

उत्तराखंड के धार्मिक और पर्यटन नगरी Rishikesh आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए अहम खबर है। शहर के सबसे प्रसिद्ध Ram Jhula Suspension Bridge को मरम्मत, अपग्रेडेशन और रेनोवेशन कार्य के लिए दिसंबर तक बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने शनिवार से पुल पर दोनों ओर से आवाजाही पूरी तरह रोक दी है। लंबे समय से इसकी संरचना में आई तकनीकी खामियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

40 साल पुराने पुल की होगी व्यापक मरम्मत

करीब 40 वर्ष पुराना राम झूला गंगा नदी पर बना एक प्रमुख Suspension Bridge है, जो पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल जिलों को जोड़ता है। अधिकारियों के अनुसार, समय के साथ पुल की नींव और सस्पेंशन केबल के कुछ हिस्सों में क्षति पहुंची है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब इसकी व्यापक मरम्मत और संरचनात्मक मजबूती का काम किया जाएगा।

सरकार ने मंजूर किए 10 करोड़ रुपये

PWD के अधिकारियों के मुताबिक राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए 10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। नरेंद्रनगर के लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि शनिवार शाम से पुल को दोनों तरफ से बंद कर दिया गया है। लक्ष्य है कि दिसंबर तक सभी मरम्मत और रेनोवेशन कार्य पूरे कर लिए जाएं, जिसके बाद पुल को दोबारा आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।

पहले भी सामने आ चुकी हैं तकनीकी समस्याएं

राम झूले में इससे पहले भी कई बार तकनीकी दिक्कतें सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2019 और 2023 के मानसून के दौरान पुल में सुरक्षा संबंधी समस्याएं आने के कारण कुछ समय के लिए आवाजाही रोकनी पड़ी थी। विशेषज्ञों की सलाह के बाद अब स्थायी समाधान के लिए व्यापक मरम्मत का निर्णय लिया गया है।

व्यापारियों ने जताई चिंता

राम झूला बंद होने से स्थानीय व्यापारियों और होटल कारोबारियों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि मरम्मत का कार्य Kanwar Yatra समाप्त होने के बाद शुरू किया जाना चाहिए था। उनका मानना है कि इस समय लाखों कांवड़िए, तीर्थयात्री और पर्यटक ऋषिकेश पहुंचते हैं तथा नीलकंठ महादेव मंदिर जाने के लिए राम झूले का उपयोग करते हैं। पुल बंद होने से आसपास के बाजारों और छोटे कारोबार पर भी असर पड़ सकता है।

पर्यटन और स्थानीय आवाजाही पर पड़ेगा प्रभाव

साल 1986 में बना राम झूला ऋषिकेश की पहचान माना जाता है। हर वर्ष देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटक और श्रद्धालु इस पुल से होकर गुजरते हैं। दिसंबर तक इसके बंद रहने से स्थानीय निवासियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा।