क्या CEC पर महाभियोग होगा? बिहार चुनाव हार के बाद विपक्ष क्यों हुआ इतना आक्रामक?

बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद विपक्ष अब Special Intensive Revision (SIR) यानी मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण को लेकर आक्रामक मोड में आ गया है। संसद के शीतकालीन सत्र में INDIA गठबंधन इस मुद्दे को तेज़ी से उठाने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए Impeachment Motion लाने की संभावना पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है।
रणनीतिकारों का मानना है कि SIR से जुड़ी कथित गड़बड़ियों पर INDIA गठबंधन को एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी। कांग्रेस और कई अन्य सहयोगी दल पहले ही CEC पर सत्तारूढ़ भाजपा के साथ ‘साठगांठ’ का आरोप लगा चुके हैं। अब गठबंधन चाहता है कि केवल आरोप लगाने के बजाय ठोस कार्रवाई दिखनी चाहिए।

एक वरिष्ठ नेता के अनुसार,

“भले ही संसद में महाभियोग पास कराने के लिए हमारे पास नंबर नहीं हैं, लेकिन प्रस्ताव लाने भर से ही यह संदेश जाएगा कि INDIA गठबंधन इस मुद्दे को लेकर गंभीर है। इससे मतदाता सूची में धांधली के आरोपों पर विपक्ष का स्टैंड और मजबूत होगा और आंतरिक बिखराव की अटकलों पर भी रोक लगेगी।”

क्या AAP भी आएगी विपक्ष के साथ?

कांग्रेस ने राजधानी में Vote Theft Protest Rally की घोषणा की है। विपक्षी दल मानते हैं कि संसद के भीतर SIR पर चर्चा और वोटिंग की स्थिति में सभी पार्टियों को स्टैंड स्पष्ट करने का मौका मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, Aam Aadmi Party (AAP) भी इस मुद्दे पर विपक्ष के साथ खड़ी दिखाई दे सकती है।

ममता बनर्जी का आरोप—“राज्य में SIR जबरन लागू किया जा रहा”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर कहा कि राज्य में चल रही SIR प्रक्रिया “Unplanned, Forced और Risky” है। उनके अनुसार, यह न सिर्फ नागरिकों को बल्कि अधिकारियों को भी खतरे में डाल रही है।
ममता ने आरोप लगाया कि
“SIR प्रक्रिया अब चिंताजनक और खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। मैंने बार-बार अपनी चिंता व्यक्त की है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।”
दूसरी ओर, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने X पर लिखा कि ममता द्वारा SIR को रोकने की मांग यह साबित करती है कि “TMC का टॉप लीडरशिप घबरा गया है।”