Why is there increased surveillance on Bengali-Nepali doctors? The investigation into the Shahin Module is intensifying.
Delhi Blast Case में गिरफ्तार डॉ. शाहीन के नेटवर्क की जांच अब उत्तर प्रदेश के बलरामपुर तक पहुंच गई है। खुफिया एजेंसियों को शक है कि शाहीन के Sleeper Cells यहां भी एक्टिव हो सकते हैं, खासकर वे जो Nepal Border के आसपास की लोकेशन में काम कर रहे हैं।
इसी कड़ी में एजेंसियों ने CMO Office से ऐसे Bengali और Nepali Origin के डॉक्टरों का पूरा रिकॉर्ड मांगा है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में Private Practice चला रहे हैं। मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने भी दस्तावेजों की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
Delhi Blast Link: Balrampur पर क्यों टिक गई खुफिया एजेंसियों की नजर?
डॉ. शाहीन की गिरफ्तारी के बाद से ही Faridabad Terror Module के कई तार Balrampur से जुड़ते दिखे हैं। एजेंसियों की जांच में यह इनपुट सामने आया कि कुछ Bengali और Nepali निजी चिकित्सक, जो लंबे समय से Nepal Border से लगे कस्बों में क्लीनिक चला रहे हैं, संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इन्हीं डॉक्टरों के जरिए anti-national activities को बढ़ावा दिए जाने की आशंका जताई गई है। इसके बाद से Sleeper Cell Hunt तेज कर दी गई है।
Intelligence Inputs: किन डॉक्टरों की चल रही है जांच?
एजेंसियों ने स्वास्थ्य विभाग से निम्न जानकारी मांगी है:
नेपाल या बंगाल मूल के डॉक्टरों का अलग-अलग रिकॉर्ड
10 साल के भीतर निजी प्रैक्टिस के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले सभी चिकित्सक
वे डॉक्टर, जिन्होंने पिछले दो सालों में रिन्यूअल नहीं कराया, लेकिन जिनका स्थानीय या बाहरी पता संदिग्ध है
उनकी डिग्रियों, पते और निजी क्लीनिकों की सत्यापन रिपोर्ट
Local Intelligence Unit (LIU) भी कई चिकित्सकों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है और संदिग्ध मूवमेंट को चिह्नित कर रही है।
Department Action: अभिलेखों की गहन जांच
CMO बलरामपुर डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी के अनुसार:
“हमसे Bengali और Nepali मूल के निजी चिकित्सकों की सूचना मांगी गई है। अभिलेखों की जांच के बाद पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।”
स्वास्थ्य विभाग अब पिछले कई वर्षों के पंजीकरण रिकॉर्ड को खंगाल रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध डॉक्टर की पहचान जल्द से जल्द की जा सके।