Will China's submarine deal strengthen Pakistan's position in the Indian Ocean? The Indian Navy has revealed the secret.
भारतीय नौसेना को पुख्ता जानकारी मिली है कि चीन पाकिस्तान को उन्नत पनडुब्बियां (Advanced Submarines) सप्लाई कर रहा है। यह दावा इंडियन नेवी के डिप्टी चीफ वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने नई दिल्ली में आयोजित Swavlamban 2025 कार्यक्रम में किया। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और देश की maritime security को मजबूत करने के लिए उपयुक्त कदम उठाए जा रहे हैं।
पत्रकारों से बातचीत में वाइस एडमिरल ने स्वीकार किया कि चीन ने हाल ही में अपना तीसरा Aircraft Carrier ‘Fujian’ नौसेना में शामिल किया है। यह चीन का अब तक का सबसे आधुनिक युद्धपोत माना जा रहा है, जिसमें Electromagnetic Catapult Launch System (EMALS) जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। इस युद्धपोत को इसी महीने एक गोपनीय समारोह में सेवा में शामिल किया गया, जिसमें राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी मौजूद थे।
चीन–पाकिस्तान Submarine Partnership: Indian Navy को पूरी जानकारी
जब उप नौसेना प्रमुख से पूछा गया कि चीन पाकिस्तान को Submarines और अन्य सैन्य उपकरण दे रहा है, तो उन्होंने स्पष्ट कहा—
“यह सच है और हमें इसकी पूरी जानकारी है। चीन पाकिस्तान को पनडुब्बियां दे रहा है और उनकी तैनाती बहुत जल्द शुरू होगी। हम हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।”
यह पहली बार है जब भारतीय नौसेना ने आधिकारिक रूप से इस डील की पुष्टि की है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन submarines की तैनाती हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की strategic security calculations को प्रभावित कर सकती है।
India–Pakistan Conflict Report पर राजनीतिक गर्मी
दूसरी ओर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में अमेरिकी संसद को सौंपे गए एक रिपोर्ट की सराहना की है। उनका दावा है कि यह रिपोर्ट मई में हुए चार दिन के सैन्य तनाव के दौरान पाकिस्तान की ‘सफलता’ को प्रमाणित करती है।
हालांकि, इस दावे को पाकिस्तान के सबसे बड़े सहयोगी चीन ने खारिज कर दिया और रिपोर्ट को misleading information बताया।
‘डॉन’ अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, PoK में एक कार्यक्रम के दौरान शरीफ ने पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर के नेतृत्व की भी प्रशंसा की।
अमेरिका-चीन आर्थिक एवं सुरक्षा समीक्षा आयोग (USCC Report) की इस रिपोर्ट में India–Pakistan tensions, Chinese weapons, और bilateral military engagements पर विस्तृत टिप्पणी की गई है।