“World Cup Hero Deepti Sharma को प्रेरणा कहां से मिली? जानिए संत प्रेमानंद महाराज का वो जवाब”

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा (Deepti Sharma) के शानदार प्रदर्शन ने World Cup 2025 में टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाई। लेकिन इस जीत के पीछे सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक प्रेरणा (Spiritual Guidance) भी छिपी थी।
दरअसल, दीप्ति का धार्मिक स्वभाव है और पिछले साल वे मथुरा में संत प्रेमानंद महाराज (Sant Premanand Maharaj) से मिली थीं। इस दौरान उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष और असफलता से जुड़ा एक सवाल पूछा था —

“जीवन में जब बार-बार असफलता मिलती है और मन में नकारात्मकता आने लगती है, तो उससे कैसे बचा जाए?”

इस पर संत प्रेमानंद महाराज ने कहा था —

“सफलता पाने के लिए जिस भी क्षेत्र में आगे बढ़ना है, उस विषय का अभ्यास रोज करना चाहिए। जो व्यक्ति सच्चा और ईमानदार होता है, वह हार में भी विजयी रहता है।”

दीप्ति ने इस सलाह को जीवन में अपनाया — और नतीजा सबके सामने है।

तीन हारों ने दी ‘जीत की शक्ति’

दीप्ति के पिता श्रीभगवान शर्मा ने बताया कि भारतीय टीम लगातार तीन मैच हारने के बाद निराश थी। लेकिन दीप्ति ने फोन पर परिवार को कहा —

“हार से डरना नहीं है, इसे अपनी जीत की ताकत बनाना है।”

उन्होंने पूरी टीम को सकारात्मक रहने और Mindset Shift पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। यही मानसिक मजबूती आगे चलकर टीम की Ultimate Victory का आधार बनी।

दीप्ति बोलीं – सपना आखिरकार पूरा हुआ
विश्व कप जीत के जश्न के बीच दीप्ति ने अपनी मां सुशीला देवी, बहन प्रगति, और भांजी राधा से वीडियो कॉल पर बात की। उन्होंने कहा —

“जब से टीम इंडिया के लिए क्रिकेट खेलना शुरू किया, तब से सपना था कि टीम World Cup जीते और मैं उस जीत का हिस्सा बनूं। आज वो सपना पूरा हुआ।”

दीप्ति ने बताया कि यह टूर्नामेंट खास इसलिए रहा क्योंकि हर मैच में किसी न किसी खिलाड़ी ने Game-Changing Performance दी, और टीम ने एकजुट होकर खेला।
उन्होंने कहा कि फिलहाल टीम बस “जीत को महसूस कर रही है और उसे एंजॉय कर रही है।”

दीप्ति की सफलता का सार

दीप्ति शर्मा की कहानी सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि Self-Discipline, Positivity और Spiritual Belief की कहानी है।
संत प्रेमानंद महाराज के शब्दों में —

“अच्छा और सच्चा खिलाड़ी हार में भी विजयी रहता है।”
शायद यही वो मंत्र था जिसने दीप्ति और पूरी टीम इंडिया को World Cup Glory तक पहुंचाया।