Teachers will take to the streets on December 5th: Major preparations underway to protest the Supreme Court order
Supreme Court द्वारा शिक्षण सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए Teacher Eligibility Test (TET) को अनिवार्य किए जाने के बाद देशभर के शिक्षक संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है। इसी के चलते Teacher Federation of India (TFI) ने 5 दिसंबर 2025 को दिल्ली में महारैली (Mega Rally) करने का ऐलान किया है।
इस रैली में देश के 9 राज्यों के शिक्षक संगठन शामिल होंगे। पहले यह रैली नवंबर में होनी थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से तारीख आगे बढ़ा दी गई।
क्यों टली नवंबर की रैली?
TFI के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि नवंबर के अंत में सिख समाज का एक बड़ा राष्ट्रीय आयोजन होने वाला है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे।
इस कार्यक्रम के चलते दिल्ली प्रशासन ने नवंबर में किसी और बड़े आयोजन की अनुमति निरस्त कर दी।
इसी कारण अब टीएफआई ने अपनी Teacher Rally को 5 दिसंबर के लिए शिफ्ट कर दिया है।
उन्होंने बताया कि “दिल्ली रैली के माध्यम से हमारी प्रमुख मांग है कि 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त रखा जाए, ताकि लाखों शिक्षकों को राहत मिल सके।”
आंदोलन की तैयारी और संगठनात्मक मोर्चा
All India Teacher Struggle Front (अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा) ने भी 24 नवंबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
मोर्चा पदाधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश (UP) से ही करीब दो लाख से अधिक शिक्षक इस प्रदर्शन में शामिल होंगे।
इसके लिए सभी राज्य इकाइयों को Teacher Awareness Campaign चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षक संगठन टीईटी को “थोपी गई शर्त” बता रहे हैं और इसे अनुचित व भेदभावपूर्ण मानते हैं। उनका कहना है कि “2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर बाद में लागू शर्त लागू करना अनुचित है।”
आंदोलन का पूरा शेड्यूल (Proposed Protest Schedule)
तारीखसंगठनकार्यक्रम स्थलमुद्दा24 नवंबरअखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चाजंतर मंतर, दिल्लीTET अनिवार्यता का विरोध25 नवंबरअटेवा संगठनदिल्ली कूचपुरानी पेंशन बहाली और TET मुद्दा5 दिसंबरTeacher Federation of India (TFI)दिल्ली2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट11 दिसंबरअखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघजंतर मंतरTET और शिक्षकों की अन्य मांगें
क्या कहता है Supreme Court का आदेश?
Supreme Court ने हाल ही में अपने आदेश में कहा था कि “शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) शिक्षण सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।”
इसके तहत न सिर्फ नई नियुक्तियां, बल्कि पदोन्नति (Promotion) और सेवा विस्तार के लिए भी टीईटी पास होना अनिवार्य किया गया है।
इसी फैसले के खिलाफ देशभर के शिक्षक संगठनों ने “Delhi Protest for Teachers’ Rights” की तैयारी शुरू कर दी है।
दिल्ली में होने वाली यह रैली अब शिक्षक बनाम व्यवस्था (Teachers vs Policy) की सबसे बड़ी जंग बनती जा रही है।
जहां एक ओर सरकार शिक्षण गुणवत्ता बढ़ाने की बात कर रही है, वहीं शिक्षक इसे “अनुचित भार” बता रहे हैं।
अब देखना होगा कि 5 दिसंबर की यह महारैली क्या सरकार को अपने रुख पर पुनर्विचार करने को मजबूर कर पाएगी।