We had a hand in Hasina's departure from power: Sensational claim of Hafiz Saeed's organization JuD
Bangladesh political crisis में अब एक नया और खतरनाक मोड़ सामने आया है। Mumbai terror attack mastermind Hafiz Saeed के संगठन Jamaat-ud-Dawa (JuD) ने दावा किया है कि उन्होंने 2024 में बांग्लादेश में Sheikh Hasina सरकार के खिलाफ हुए प्रदर्शन को हवा दी थी, जिससे अंततः प्रधानमंत्री हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी।
JuD के दो कुख्यात आतंकी, सैफुल्लाह कसूरी और संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी घोषित मुजम्मिल हाशमी ने यह दावा इस हफ्ते अपनी भड़काऊ तकरीरों के दौरान किया।
“1971 का बदला ले लिया हमने” – आतंकी कसूरी का दावा
Rahatgarh, Rahim Yar Khan (पाकिस्तान) में दिए गए एक भाषण में Saifullah Kasuri ने कहा:
“जब 1971 में पाकिस्तान टूटा था, मैं चार साल का था। अब, 10 मई को हमने उस अपमान का बदला ले लिया है।”
कसूरी यहां 1971 के Bangladesh Liberation War की बात कर रहा था, जब भारत की मदद से बांग्लादेश बना और पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा था।
भारत ने किया बदला, आतंकी के शव के उड़े परखच्चे
कसूरी ने कबूल किया कि उसका साथी Mudasir, 7 मई को Muridke (JuD HQ) पर हुए भारतीय हवाई हमले में मारा गया। यह हमला 22 अप्रैल को Pahalgam terror attack के जवाब में किया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
उसने कहा, “मुझे उसके जनाजे में शिरकत करने की इजाजत नहीं मिली। मैं खूब रोया।”
हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के सैन्य और पुलिस अधिकारियों ने मुदस्सर के जनाजे में शिरकत की थी, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।
क्या JuD ने बांग्लादेश में Sheikh Hasina को हटाने में निभाई भूमिका?
मुजम्मिल हाशमी ने गुजरांवाला में अपने बयान में दावा किया कि उन्होंने “पिछले साल बांग्लादेश में तुमको हराया।” यह सीधा इशारा था 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में छात्र आंदोलनों की ओर, जिसके बाद Sheikh Hasina को इस्तीफा देना पड़ा था। हाशमी ने दावा किया कि यह सब JuD के इशारे पर हुआ।
बाद में Nobel Laureate Muhammad Yunus को अंतरिम सरकार का प्रमुख सलाहकार बनाया गया और हसीना भारत चली आईं।
नई पीढ़ी को ‘जिहाद’ के लिए तैयार करने की धमकी
कसूरी ने खुलेआम कहा:
“भारत ने मुझे Pahalgam attack का mastermind बना दिया। उन्होंने मेरे शहर ‘Kasur’ को दुनिया भर में मशहूर कर दिया। हम अगली पीढ़ी को जिहाद के लिए तैयार कर रहे हैं। हमें मौत का डर नहीं।”
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की साख को झटका
पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक Husain Haqqani ने इन भाषणों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“जब सार्वजनिक मंचों पर जिहादी आतंकियों को खुली छूट दी जाती है, तब यह दावा करना मुश्किल हो जाता है कि पाकिस्तान अब उन्हें समर्थन नहीं देता।”
इन बयानों ने Pakistan’s global image को और धक्का दिया है और भारत के उस रुख को मजबूत किया है कि पाकिस्तान अभी भी आतंकियों को State Support देता है।