US-Iran Trade Sanctions: Impact on India, learn about the 2023 export-import figures and strategic cooperation.
US Tariff News के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों के खिलाफ नया कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप के आदेश के अनुसार, जो भी देश Iran Trade करेगा, उसे United States trade पर 25% टैरिफ देना होगा। यह आदेश immediate effect के साथ लागू हो गया है।
ट्रंप ने इस फैसले की घोषणा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social के जरिए की। उन्होंने लिखा कि जो भी देश Islamic Republic of Iran के साथ कोई भी कारोबार करता है, उसे अमेरिका के साथ सभी व्यापारों पर 25% tariff देना होगा। यह आदेश अंतिम और binding है।
ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदार और भारत
ईरान के प्रमुख व्यापारिक पार्टनर्स में China, Turkey, India, UAE, Pakistan और Armenia शामिल हैं। भारत हाल के वर्षों में ईरान के Top 5 trading partners में शामिल रहा है। ट्रंप के इस कदम से भारत सहित इन देशों के लिए trade implications गंभीर हो सकते हैं। अमेरिका पहले ही भारत पर 50% टैरिफ लगा चुका है, जो दुनिया में सबसे अधिक import tariffs में से एक है।
भारत-ईरान के व्यापारिक आंकड़े
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत से ईरान को प्रमुख exports में शामिल हैं:
Rice (चावल)
Tea (चाय)
Sugar (चीनी)
Medicines (दवाइयां)
Synthetic fibers (कृत्रिम फाइबर)
Electrical machinery (विद्युत मशीनरी)
Artificial jewelry (कृत्रिम आभूषण)
ईरान से भारत के प्रमुख imports में शामिल हैं:
Dry fruits (सूखे मेवे)
Inorganic / Organic chemicals (रसायन)
Glassware (कांच के बर्तन)
Observatory of Economic Complexity (OEC) के अनुसार, 2023 में भारत से ईरान को exports 1.19 अरब डॉलर और imports 1.02 अरब डॉलर रहे। प्रमुख निर्यात में चावल ($734 मिलियन), सोयाबीन मील ($96.8 मिलियन) और केले ($52 मिलियन) शामिल थे। वहीं ईरान से भारत के imports में Acyclic alcohol derivatives (हैलोजेनेटेड, सल्फोनेटेड, नाइट्रेटेड) ($309 मिलियन) प्रमुख रहे।
DGCI&S 2025 के आंकड़े बताते हैं कि भारत से ईरान निर्यातित प्रमुख वस्तुएं हैं:
अनाज – $649 मिलियन
कॉफी, चाय, मसाले – $73 मिलियन
खाद्य फल और मेवे – $47 मिलियन
औषधीय उत्पाद – $44 मिलियन
आवश्यक तेल और रेजिनॉइड – $25.93 मिलियन
सब्जियां और जड़- कंद – $24.44 मिलियन
चीनी और मिठाइयाँ – $24.22 मिलियन
परमाणु रिएक्टर, मशीनरी – $20.22 मिलियन
कार्बनिक रसायन – $18.71 मिलियन
तेल बीज और तैलीय फल – $15.98 मिलियन
भारत-ईरान के ऐतिहासिक संबंध
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत और ईरान के बीच centuries-old cultural & trade relations रहे हैं। समकालीन भारत-ईरान संबंध high-level political engagement, commercial connectivity, cultural exchange और मजबूत people-to-people ties पर आधारित हैं।
Chabahar Port: रणनीतिक सहयोग का स्तंभ
भारत और ईरान का प्रमुख सहयोग Chabahar Port Development में है। ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित Sistan-Baluchestan प्रांत में यह पोर्ट भारत के साथ मिलकर विकसित किया जा रहा है, ताकि regional trade connectivity को बढ़ावा मिले।
मई 2015 में भारत और ईरान ने MoU पर हस्ताक्षर किए।
मई 2016 में भारत, ईरान और अफगानिस्तान के बीच Tripartite Agreement हुआ।
भारत ने Shahid Beheshti Terminal के पहले चरण के विकास में भागीदारी की।
दिसंबर 2018 में India Ports Global Limited (IPGL) ने पोर्ट संचालन अपने हाथ में लिया।
मई 2024 में IPGL ने ईरान के Ports and Maritime Organization (PMO) के साथ 10 वर्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए।
यह समझौता भारत-ईरान के strategic and economic cooperation को और मजबूती देता है।