Harvard University पर Trump का तीखा हमला, ये संस्थान नफरत और मूर्खता सिखाता
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर Harvard University को आड़े हाथों लिया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर उन्होंने विश्वविद्यालय को एक “joke” करार देते हुए कहा कि यह अब learning का credible place नहीं रहा। उन्होंने दावा किया कि Harvard को अब दुनिया के best universities की list से बाहर कर देना चाहिए।
ट्रंप ने आरोप लगाया कि यह संस्थान “anti-Semitic” और “woke ideology” का केंद्र बन चुका है, और यह अब students को critical thinking सिखाने के बजाय उन्हें गुमराह कर रहा है।
Harvard पर Federal Funding रोकने की धमकी
Trump ने चेतावनी दी है कि यदि Harvard administration ने White House द्वारा सुझाए गए policy changes को नहीं माना, तो यूनिवर्सिटी को मिलने वाला लगभग $2.2 Billion का federal fund रोक दिया जाएगा। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि Harvard की tax-exempt status को भी खत्म कर उसे एक political entity की तरह टैक्स देना चाहिए।
Trump की मांग: Diversity Offices हों बंद, Immigration में दे साथ
ट्रंप प्रशासन द्वारा 3 अप्रैल को भेजे गए एक official पत्र में Harvard University को अपनी governance, hiring practices और admission system में बदलाव लाने को कहा गया। इसमें खासतौर पर Diversity Offices को बंद करने और international students की screening के लिए immigration authorities से सहयोग की बात कही गई।
Harvard का पलटवार: “हम अपनी स्वतंत्रता पर समझौता नहीं करेंगे”
Harvard के President Alan Garber ने faculty और students को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय अपने constitutional rights या academic freedom पर कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि सरकार के दबाव के बावजूद Harvard अपने मूल्यों पर कायम रहेगा।
डोनाल्ड ट्रंप और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के बीच यह टकराव अमेरिका की higher education system और free speech के मुद्दों को फिर से चर्चा में ला रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह लड़ाई legal battle का रूप लेती है या किसी negotiated settlement तक पहुंचती है।