The bloody game of Fitna Al-Hindustan: 9 passengers killed in Zhob"
पाकिस्तान का बलूचिस्तान एक बार फिर खूनी हिंसा का गवाह बना। इस बार मामला सिर्फ बस रोकने का नहीं, बल्कि यात्रियों की पहचान के बाद सुनियोजित हत्या का है। शुक्रवार को हुए इस बर्बर आतंकी हमले में कम से कम 9 यात्रियों को मौत के घाट उतार दिया गया।
कहां और कैसे हुआ हमला?
यह हृदयविदारक घटना बलूचिस्तान के झोब शहर के पास हुई, जब क्वेटा से लाहौर जा रही एक यात्री बस को हथियारबंद हमलावरों ने रोका।
रिपोर्ट्स के मुताबिक़:
यात्रियों को बस से उतारा गया
उनकी पहचान की गई
फिर 9 लोगों को चुनकर गोली मार दी गई
किस पर लगा आरोप?
बलूचिस्तान पुलिस और प्रशासन ने इस हमले का आरोप Fitna Al-Hindustan नामक एक आतंकी संगठन पर लगाया है।
दरअसल, मई 2024 में पाकिस्तान सरकार ने बलूचिस्तान के सभी उग्रवादी गुटों को इसी नाम से टैग किया है — एक तरह से anti-national umbrella designation।
प्रांतीय प्रवक्ता शाहिद रिंद ने घटना को लेकर कहा:
“यात्रियों को बाहर निकालकर उनकी पहचान के आधार पर बेरहमी से मारा गया। यह आतंक की पराकाष्ठा है।”
क्या है पीड़ितों की स्थिति?
झोब के असिस्टेंट कमिश्नर नवीद आलम ने पुष्टि की कि:
मृतकों के शवों को बरखान जिले के रेखनी हॉस्पिटल में भेजा गया
सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है, लेकिन
हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए
Search Operation जारी है
बलूचिस्तान क्यों बन चुका है आतंक का गढ़?
Balochistan Province लंबे समय से पाकिस्तान के लिए internal conflict zone बना हुआ है
Local insurgent groups और पाकिस्तान आर्मी के बीच टकराव आम हो चुका है
China-Pakistan Economic Corridor (CPEC) प्रोजेक्ट्स को लेकर भी विरोध बढ़ा है
इसी असंतोष ने बलूचिस्तान को targeted killings और kidnappings की ज़मीन बना दिया है
अंतरराष्ट्रीय चिंता
बलूचिस्तान में बार-बार हो रही हिंसक घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और पड़ोसी देशों को भी चिंतित किया है। Experts के अनुसार:
“इन घटनाओं से पाकिस्तान में minority safety, freedom of travel और national security पर सवाल उठते हैं।”