Sonam Wangchuk ने तोड़ा Fast, CJP अब भी अडिग; Jantar Mantar पर जारी रहेगा Protest

NEET Paper Leak और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे Student Protest के बीच केंद्र सरकार को आंशिक राहत जरूर मिली है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। करीब 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने सरकार की ओर से कुछ मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि, Cockroach Janata Party (CJP) ने साफ कर दिया है कि उसका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan इस्तीफा नहीं देते।

सरकार के आश्वासन के बाद खत्म हुआ अनशन

जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर सरकार की ओर से लिखित आश्वासन सौंपा। इसमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ मुकदमे दर्ज नहीं करने, NEET Suicide Cases से प्रभावित परिवारों को उचित सहायता देने और संसद में इस पूरे मुद्दे पर सार्थक चर्चा कराने का भरोसा दिया गया। इसके बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।

अनशन खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने संभावित हिंसा और लंबी बातचीत के बाद यह फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही एक वीडियो जारी कर पूरे घटनाक्रम और सरकार के साथ हुई बातचीत की जानकारी साझा करेंगे। साथ ही उन्होंने समर्थकों से किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की अपील भी की।

CJP अपने रुख पर कायम, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा Protest

वहीं CJP Chief Abhijeet Deepke ने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक का अनशन खत्म होने से उनकी सेहत को लेकर चिंता जरूर कम हुई है, लेकिन संगठन की मूल मांग अभी भी वही है। उन्होंने कहा कि Dharmendra Pradhan Resignation तक Jantar Mantar Protest जारी रहेगा और आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा।

अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन को जोखिम में डालकर देशभर के छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। उनके अनुसार, यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।

पूरे देश में प्रदर्शन की तैयारी

CJP ने शुक्रवार को देशभर के जिलों में प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया है। संगठन का दावा है कि कई विपक्षी दल भी इस अभियान का समर्थन कर रहे हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि Student Movement अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक रूप ले सकता है।

दूसरे दौर की बातचीत पर टिकी निगाहें

सूत्रों के मुताबिक सरकार और CJP नेताओं के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी प्रस्तावित है। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर फिलहाल दोनों पक्षों के रुख में कोई नरमी दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में संविधान क्लब में प्रस्तावित बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं। आने वाले दिनों में यही तय करेगा कि NEET Protest, Paper Leak Issue और छात्रों का आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।