Sonam ends hunger strike, but CJP's agitation continues; security tightened in Delhi.
CJP Protest, NEET Paper Leak और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन लगातार जारी है। सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk के 26 दिन बाद भूख हड़ताल समाप्त करने के बावजूद Cockroach Janata Party (CJP) ने साफ कर दिया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे तक Jantar Mantar Protest जारी रहेगा। इस बीच राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर, छुट्टियां रद्द
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस के सभी स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कई अन्य शहरों में भी छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन जारी है।
CJP ने दोहराई इस्तीफे की मांग
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त करना उनकी सेहत के लिहाज से राहत की बात है, लेकिन संगठन की मुख्य मांग में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि Dharmendra Pradhan Resignation तक जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के साथ प्रस्तावित बैठक किसी निष्पक्ष स्थान पर ही होगी और इस्तीफे के अलावा किसी अन्य विकल्प पर सहमति संभव नहीं है।
सरकार और CJP के बीच बैठक की संभावना
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार दोपहर Constitution Club of India में सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बैठक हो सकती है। इससे पहले सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने बातचीत का प्रस्ताव दिया था। CJP ने सरकारी आवास पर बैठक से इनकार करते हुए न्यूट्रल स्थान की मांग रखी थी, जिसे स्वीकार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
दिल्ली में इंटरनेट और मेट्रो सेवाओं पर असर
प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली के कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई है। इसके अलावा Delhi Metro ने सुरक्षा कारणों से 17 मेट्रो स्टेशनों को अगली सूचना तक बंद रखने का फैसला किया है। हालांकि प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रहेगी। कई स्कूलों ने भी परिवहन और कक्षाओं के संचालन में बदलाव करते हुए हाइब्रिड मोड अपनाया है।
हाईकोर्ट में इंटरनेट बंदी को चुनौती
दिल्ली हाईकोर्ट ने जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बंद करने के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। याचिका में कहा गया है कि इंटरनेट प्रतिबंध से आम नागरिकों और छात्रों को परेशानी हो रही है।
विपक्ष ने भी बढ़ाया सरकार पर दबाव
कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमला बोल रहे हैं। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि अब केवल एक मंत्री का इस्तीफा पर्याप्त नहीं होगा और पूरे मामले में शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सोनम वांगचुक ने क्या कहा?
अनशन समाप्त करने के बाद जारी वीडियो संदेश में Sonam Wangchuk ने बताया कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज नहीं करने का आश्वासन दिया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर कोई सहमति नहीं बनी है। उन्होंने जल्द ही पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत जानकारी साझा करने की बात कही है।
सभी की नजर आज की वार्ता पर
अब पूरे घटनाक्रम की दिशा सरकार और CJP के बीच होने वाली प्रस्तावित बैठक पर निर्भर करेगी। यदि बातचीत सकारात्मक रहती है तो गतिरोध कम हो सकता है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर दोनों पक्षों के रुख को देखते हुए समाधान फिलहाल आसान नहीं दिख रहा।