Shangri La Dialogue: पाकिस्तान ने फिर छेड़ा कश्मीर राग, बोले टॉप जनरल – “बिना समाधान, तबाही तय!”

India Pakistan Kashmir Conflict | Pakistan at Shangri La Dialogue: कश्मीर को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की है। इस बार पाकिस्तान के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) प्रमुख जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने सिंगापुर में चल रहे Shangri-La Dialogue 2024 में कश्मीर पर विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि अगर कश्मीर मुद्दे का समाधान नहीं निकाला गया, तो इसके ‘विनाशकारी परिणाम’ हो सकते हैं।

कश्मीर है ‘मूल विवाद’, अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप जरूरी: जनरल मिर्जा का दावा

जनरल मिर्जा ने सत्र के दौरान कहा:

“भारत और पाकिस्तान के बीच मूल विवाद कश्मीर है। यह कोई क्षेत्रीय मुद्दा नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय संकट है, जिसका हल अब जरूरी हो गया है।”

उन्होंने कहा कि कुछ देश इस मुद्दे पर मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं, जिनमें उन्होंने अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, चीन, तुर्किए और UAE का नाम लिया।

गलवान के बाद, अब पहलगाम! भारत-पाक रिश्तों में बढ़ती तल्ख़ी

जनरल मिर्जा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंध पहले से ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।
भारत ने साफ किया है कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मसला है और इसमें तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं हो सकती। फिर भी पाकिस्तान बार-बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसे उठा कर कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करता रहा है।

Pakistan’s Narrative on Kashmir: Intentional Disruption or Diplomatic Game?

जनरल मिर्जा ने यह भी कहा:

“जब कोई सैन्य संघर्ष नहीं होता, तो कश्मीर पर चर्चा नहीं होती। लेकिन हम हमेशा कहते आए हैं कि यूएनएससी प्रस्तावों और कश्मीरी जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप समाधान ही स्थायी शांति की कुंजी है।”

यह बयान उस पाकिस्तान की ओर से आया है, जिसने खुद यूएन प्रस्तावों का पालन कभी नहीं किया और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थानीय लोगों के अधिकारों का लगातार हनन किया है।

भारत का रुख क्या है?

भारत स्पष्ट कर चुका है:

  • कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है।

  • पाकिस्तान के साथ सभी विवाद द्विपक्षीय संवाद के जरिए हल किए जाएंगे।

  • आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।

भारत की विदेश नीति के मुताबिक, जब तक सीमा पार आतंकवाद बंद नहीं होता, तब तक किसी तरह की वार्ता या मध्यस्थता का सवाल ही नहीं उठता।

कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की रणनीति – पुराना एजेंडा, नया मंच

पाकिस्तान एक बार फिर उसी पुराने कश्मीर एजेंडे को Shangri La जैसे वैश्विक मंच पर ले जाकर भारत के खिलाफ मोर्चा खोलने की कोशिश कर रहा है। लेकिन बदलती अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति, भारत की मजबूत विदेश नीति और आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अब पाकिस्तान के इस प्रोपेगेंडा को ज्यादा दूर तक नहीं जाने दे रही है।