Bulldozer on NDLS! नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर टूट-फूट शुरू, ट्रेनों की रवानगी का बदलेगा रूट – जानिए पूरा रिडेवलपमेंट प्लान
New Delhi Railway Station Redevelopment News: भारत की राजधानी का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) अब बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। यहां जल्द ही बुलडोजर और जेसीबी की आवाजें गूंजेंगी, क्योंकि सरकार ने इस ऐतिहासिक स्टेशन के पुनर्विकास की प्रक्रिया तेज कर दी है। सवाल है – NDLS कब टूटेगा? ट्रेनें कहां जाएंगी? और आम यात्रियों पर इसका क्या असर होगा?
मार्च 2026 से तोड़ा जाएगा NDLS का हिस्सा
रेलवे मंत्रालय के मुताबिक, 2026 के मार्च महीने से NDLS के पुनर्विकास का काम शुरू होगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और ठेका लेने वाली कंपनी ने साइट की तैयारी भी शुरू कर दी है। यह प्रोजेक्ट 45 महीनों यानी लगभग 4 साल में पूरा होगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले बजट में NDLS रिडेवलपमेंट की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य इसे वर्ल्ड क्लास स्टेशन के तौर पर विकसित करना है।
Redevelopment Plan Highlights: क्या-क्या बदलेगा NDLS में?
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सबसे पहले प्लेटफॉर्म 1 से 5 को तोड़ा जाएगा (पहाड़गंज साइड)
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फिर प्लेटफॉर्म 6 से 9, फिर 10 से 13 और अंत में 14 से 16 पर काम होगा
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पूरे स्टेशन के 16 प्लेटफॉर्म और ट्रैक को नया रूप मिलेगा
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दोनों ओर नई इमारतें बनेंगी (अजमेरी गेट और पहाड़गंज साइड)
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7 फ्लाईओवर बनेंगे ताकि यातायात सुचारू हो
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स्टेशन के बाहर भीड़ नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया अक्टूबर तक तैयार हो जाएगा
Train Transfer Plan: अब आपकी ट्रेन NDLS से नहीं, इन स्टेशनों से चलेगी
पुनर्विकास कार्य के दौरान NDLS से चलने वाली कई ट्रेनों को अन्य स्टेशनों पर शिफ्ट किया जाएगा। रेलवे का पूरा फेज-वाइज प्लान तैयार है:
आनंद विहार टर्मिनल
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UP, बिहार, बंगाल की ओर जाने वाली ट्रेनें यहां से चलेंगी
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दो नए प्लेटफॉर्म तैयार
शकूर बस्ती
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पंजाब, जम्मू-कश्मीर रूट की ट्रेनें यहां शिफ्ट होंगी
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तीन नए प्लेटफॉर्म बनाए गए
हजरत निजामुद्दीन
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गुजरात, मध्य प्रदेश की ट्रेनें संभवतः यहां से
दिल्ली कैंट
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राजस्थान जाने वाली गाड़ियों के लिए उपयोग
पुरानी दिल्ली और सराय रोहिल्ला
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कुछ ट्रेनें इन स्टेशनों से भी चलाई जाएंगी
रेलवे इन बदलावों से पहले यात्रियों को सूचित करेगा और ट्रेन लिस्ट भी जारी की जाएगी।
Phased Construction से ट्रेनों पर न्यूनतम असर
रेलवे ने यह सुनिश्चित किया है कि एक समय पर केवल कुछ प्लेटफॉर्म पर काम हो, ताकि बाकी प्लेटफॉर्म्स से गाड़ियां चलती रहें। जैसे:
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जब प्लेटफॉर्म 1–5 टूटेंगे, तब 6–16 से ट्रेनें चलेंगी
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फिर 6–9 पर काम होगा, तब 10–16 चालू रहेंगे
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तीसरे और चौथे चरण के बाद, 1–9 दोबारा शुरू हो जाएंगे