Red Fort Blast: पुलवामा से फरीदाबाद तक आतंक का जाल

नई दिल्ली: दिल्ली के Red Fort के पास सोमवार शाम को हुए rush-hour car explosion में 10 लोगों की मौत के बाद जांच एजेंसियां आतंकियों के नेटवर्क पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। विस्फोटक i20 कार का ट्रैक पुलवामा, जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद तक जुड़ा पाया गया। Jaish-e-Mohammad (JeM) से जुड़े एक डॉक्टर और अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए हैं।

विस्फोट की जानकारी

विस्फोट सोमवार शाम 6.52 बजे Netaji Subhash Marg, Red Fort Metro Station के पास हुआ।

कार की पहचान White Hyundai i20, HR26CE7674 के रूप में हुई, जो कई बार बेची जा चुकी थी और CNG टैंक से लैस थी।

विस्फोट में कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और धमाके की आवाज़ 2 किमी दूर तक सुनाई दी।

जांच एजेंसियों की कार्रवाई

National Investigation Agency (NIA) ने केस की जांच संभाली। पुलिस ने anti-terror law के तहत FIR दर्ज की, जबकि किसी संगठन या व्यक्ति का नाम अभी आधिकारिक तौर पर नहीं लिया गया। जांच में पाया गया कि विस्फोट के पीछे Faridabad और Lucknow के डॉक्टर, Pulwama से जुड़े संदिग्ध और अन्य इलाके शामिल हैं। Ammonium nitrate और अन्य विस्फोटक सामग्री भी फरीदाबाद से बरामद हुई।

प्रमुख संदिग्ध और नेटवर्क

Umar Un Nabi: Pulwama से पढ़ाई और काम के बाद Faridabad के Al Falah Hospital से जुड़ा। संभावना है कि वह i20 चला रहा था। डॉक्टरों का terror module: 10–12 सदस्य, जिसमें कम से कम 5 डॉक्टर शामिल हैं। अन्य संदिग्ध: Irfan Ahmad Waghay (Shopian), Hafeez Mohammad Ishtiyaq (Mewat), Shaheen Shahid का भाई Parvez Saeed Ansari (Lucknow)।

 एक अधिकारी ने कहा, “विस्फोट अर्ध-निर्मित बम की वजह से हुआ, जिसे सुरक्षा एजेंसियों के छापों के कारण जल्दी किया गया।”

विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री

विस्फोट में Ammonium Nitrate Fuel Oil (ANFO) इस्तेमाल होने का अनुमान है, जो 2019 के Pulwama हमला में भी प्रयोग हुआ था।

इस कारण आग इतनी तेज़ थी और कुछ पीड़ितों के शरीर पूरी तरह जले।

i20 कार की ट्रैकिंग

कार का रजिस्ट्रेशन Gurugram, Haryana में Mohammed Salman के नाम था।

इसके बाद यह Devender (Okhla) और फिर Ambala के एक व्यक्ति के पास गई।

अंतिम रूप से Umar के सहयोगी Tariq के पास पहुंची।

CCTV फुटेज और टोल प्लाजा डेटा से कार की यात्रा का पता चला।

पीड़ितों की कहानी

Dinesh Mishra (32), Shravasti का निवासी, Chawri Bazar में प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था।

परिवार ने बताया कि दिवाली बिताने के बाद वह काम पर लौट आया था।

पिता भुरे मिश्रा ने कहा, “हम अब भी यह विश्वास नहीं कर पा रहे कि वह हमारे बीच नहीं है।”

आगे की कार्रवाई

जांच एजेंसियां जम्मू-कश्मीर, फरीदाबाद और यूपी में नेटवर्क को और फैलाने की कोशिश कर रही हैं।

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी कहा कि जिम्मेदारों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।