Trump का U-turn: एच-1 बी वीजा बढ़ोतरी पर फिर से बदलाव की संभावना

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में H1-B Visa को लेकर एक अहम बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में प्रतिभाशाली लोगों की कमी है और इस वीजा सिस्टम को बंद करना देश के हित में सही नहीं होगा। उनका कहना है कि “काम कराने के लिए टैलेंट चाहिए, भीड़ नहीं”, और इसी वजह से H1-B वीजा सिस्टम जरूरी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी प्रशासन ने H1-B वीजा की शुल्क $100,000 तक बढ़ा दी थी। अमेरिकी अधिकारी पहले यह तर्क दे रहे थे कि फीस बढ़ाकर विदेशियों को काम करने से रोका जा सकेगा।

ट्रंप का U-turn: क्यों बदल गया रुख?

कुछ महीने पहले ही ट्रंप ने Make America Great Again (MAGA) अभियान के तहत H1-B वीजा शुल्क बढ़ाने की योजना का ऐलान किया था। इसका उद्देश्य अमेरिका के स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देना था।
लेकिन अब Fox News से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को काम कराने के लिए प्रतिभाशाली लोगों की जरूरत है और इसलिए H1-B वीजा सिस्टम जारी रहना चाहिए। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका में प्रतिभाशाली लोग नहीं हैं, तो ट्रंप ने साफ तौर पर ना कहा।

भारत को सबसे बड़ा फायदा

ट्रंप के इस बयान के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि अमेरिकी प्रशासन H1-B वीजा नियमों में फेरबदल कर सकता है। इस वीजा का सबसे ज्यादा फायदा भारत को होगा।

अमेरिकी आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में 283,397 भारतीय H1-B वीजा लेकर अमेरिका गए, जो कुल वीजा का 71% है।

भारत के बाद चीन का नंबर है, जहां 46,680 चीनी नागरिक ने वीजा लिया। इसके अलावा Philippines, Brazil, Canada, Nigeria के लोग भी इस वीजा का लाभ उठाते हैं।

अब क्या होगा?

H1-B वीजा को लेकर ट्रंप के बयान से साफ है कि America Talent Strategy में बदलाव संभव है। भारतीय प्रोफेशनल्स और IT इंडस्ट्री के लिए यह अवसर और भी महत्वपूर्ण हो सकता है।