Congress Leadership Crisis: Why is accountability not being fixed after the defeat in Assam-Bengal?
हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस (Congress Party) को असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में करारी हार का सामना करना पड़ा है। केवल केरल को छोड़कर बाकी राज्यों में पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा, जिससे संगठन के भीतर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हालांकि हार के बाद समीक्षा बैठक (review meeting) बुलाने की बात कही गई है, लेकिन सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि अभी तक accountability (जवाबदेही) तय नहीं हो पाई है।
Congress Internal Crisis: हार के बाद भी जिम्मेदारी तय नहीं
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, कई चुनावी हार के बावजूद अब तक किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी तय नहीं की गई है।
असम में हार के बाद प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने इस्तीफा दिया
लेकिन पार्टी आलाकमान ने इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया
समीक्षा बैठक के बाद ही निर्णय लेने की बात कही जा रही है
इससे संगठन में confusion और leadership crisis और गहरा हो गया है।
Leadership Question: आखिर जिम्मेदार कौन?
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जब तक responsibility और accountability system मजबूत नहीं होगा, तब तक बड़े बदलाव की उम्मीद करना मुश्किल है।
उनका कहना है कि:
हार की समीक्षा तो होती है
लेकिन action taken report और accountability नहीं बनती
इसलिए बार-बार चुनावी प्रदर्शन कमजोर रहता है
Bihar Election Example: उम्मीदें क्यों टूटीं?
पार्टी नेताओं ने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां समीक्षा बैठक के बाद उम्मीद जगी थी कि संगठन में बदलाव होगा।
लेकिन:
1 साल बाद भी कोई बड़ा structural change नहीं हुआ
जिला अध्यक्षों की जवाबदेही तय करने की योजना लागू नहीं हो सकी
संगठन सृजन कार्यक्रम भी जमीनी स्तर पर प्रभावी नहीं दिखा
Organization Reforms: “Sangathan Srijan Program” भी अधूरा
कांग्रेस ने अप्रैल 2025 में Ahmedabad Session के दौरान Organization Revamp Plan (Sangathan Srijan Program) शुरू किया था।
उद्देश्य था:
grassroots level organization को मजबूत करना
district presidents की accountability तय करना
internal democracy बढ़ाना
लेकिन नेताओं के अनुसार:
अभी तक कोई मजबूत monitoring system नहीं बना
reforms सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं
2027 Elections Challenge: कांग्रेस के सामने बड़ी परीक्षा
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि अगर 2027 elections में प्रदर्शन सुधारना है तो:
शुरुआत organization restructuring से करनी होगी
leadership accountability तय करनी होगी
state units को स्वतंत्र और जिम्मेदार बनाना होगा
Kerala में राहत, बाकी राज्यों में संकट
हालांकि कांग्रेस को केरल में बेहतर प्रदर्शन मिला है, जहां UDF (United Democratic Front) ने बहुमत हासिल किया है।
लेकिन वहीं दूसरी तरफ:
Assam
West Bengal
और अन्य राज्यों में खराब प्रदर्शन
यह दिखाता है कि पार्टी का regional performance असंतुलित है।
Kerala CM Race: नेतृत्व तय करने की प्रक्रिया
केरल में सरकार गठन की प्रक्रिया के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख नाम चर्चा में हैं:
वीडी सतीशन (V D Satheesan)
रमेश चेन्निथला (Ramesh Chennithala)
केसी वेणुगोपाल (K C Venugopal)
पार्टी ने विधायक दल को हाईकमान को निर्णय लेने का अधिकार दे दिया है, जिससे final decision दिल्ली नेतृत्व करेगा।
Assam और Bengal में कांग्रेस की हार सिर्फ electoral defeat नहीं बल्कि organizational weakness और leadership accountability crisis का संकेत है। जब तक पार्टी स्पष्ट जिम्मेदारी तय नहीं करती और internal reforms को जमीन पर लागू नहीं करती, तब तक चुनावी प्रदर्शन में सुधार मुश्किल माना जा रहा है।