Punjab Congress Crisis: Infighting among leaders ahead of elections; party's concerns mount.
Punjab Assembly Election से पहले Punjab Congress में एक बार फिर अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी ने कांग्रेस नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि यदि समय रहते विवाद नहीं सुलझा तो इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता है।
हालात संभालने के लिए हाईकमान सक्रिय
पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में बढ़ती गुटबाजी को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने Bhupesh Baghel को तत्काल चंडीगढ़ भेजने का फैसला किया है। वह प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर उनकी राय जानेंगे और संगठन में बढ़ रही नाराजगी को कम करने की कोशिश करेंगे।
बताया जा रहा है कि इसके बाद पंजाब कांग्रेस की अहम बैठक भी बुलाई जा सकती है, जिसमें नेताओं को एकजुटता का संदेश देने और चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी।
समितियों के गठन के बाद बढ़ा विवाद
दरअसल, विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत बनाई गई विभिन्न समितियों के बाद पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री Charanjit Singh Channi चाहते हैं कि उन्हें आगामी चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाए।
हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व ने किसी एक चेहरे पर दांव लगाने के बजाय Collective Leadership यानी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की रणनीति अपनाई है।
सांसदों की भी बढ़ी चिंता
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस इस बात पर भी विचार कर रही है कि मौजूदा सांसदों को विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार न बनाया जाए। इस संभावना से कई सांसदों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें आशंका है कि यदि चुनाव नहीं लड़ने का मौका मिला तो भविष्य की राजनीति में उनकी भूमिका सीमित हो सकती है।
चन्नी और मनीष तिवारी की नाराजगी चर्चा में
बताया जा रहा है कि Charanjit Singh Channi प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी चाहते थे, लेकिन पार्टी ने Amrinder Singh Raja Warring पर भरोसा कायम रखते हुए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखा। वहीं चन्नी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
उधर, वरिष्ठ नेता Manish Tewari भी चुनावी जिम्मेदारियों में पर्याप्त भूमिका नहीं मिलने से नाराज बताए जा रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि वर्षों तक पार्टी की सेवा करने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया, जो उनके लिए हैरान करने वाला फैसला है।
राजा वडिंग ने गुटबाजी की खबरों को किया खारिज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Amrinder Singh Raja Warring ने पार्टी में बगावत या मुख्यमंत्री पद की दौड़ से जुड़े दावों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य आगामी Punjab Assembly Election में कांग्रेस की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करना है।
वडिंग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पार्टी Charanjit Singh Channi या किसी अन्य नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करती है तो उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी।
उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में पंजाब कांग्रेस के सभी नेता एक मंच पर दिखाई देंगे और पूरे प्रदेश में मिलकर चुनाव अभियान चलाएंगे। उनके मुताबिक, पार्टी पूरी तरह एकजुट है और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे दावे निराधार हैं।