Political row over voter list SIR; CM Dhami asks, "What is the reason for the opposition?"
उत्तराखंड में Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने SIR के विरोध को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई बार मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट और व्यवस्थित करना है।
CM धामी ने कहा कि अगर मतदाता सूची के Verification और Revision की प्रक्रिया में ऐसे नामों की पहचान हो रही है जो पात्र नहीं हैं, तो इसका विरोध क्यों किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग एक से अधिक राज्यों में मतदाता के रूप में दर्ज हैं या जिनकी पात्रता संदिग्ध है, क्या उनके नाम मतदाता सूची में बने रहने चाहिए?
‘SIR पहले भी कई बार हो चुका है’
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में SIR पहली बार नहीं हो रहा है। उनके मुताबिक, पहले भी करीब 20 बार ऐसी प्रक्रिया हो चुकी है और उस समय इस तरह का विरोध नहीं हुआ। उन्होंने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि Voter List Purification के तहत मतदाता सूची को दुरुस्त किया जा रहा है तो इस पर आपत्ति की वजह स्पष्ट होनी चाहिए।
CM धामी ने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar वर्ष 2025 में पद पर आए, लेकिन उससे पहले भी BJP और NDA चुनाव जीतते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास अब पर्याप्त राजनीतिक मुद्दे नहीं हैं, इसलिए SIR को लेकर विरोध किया जा रहा है। ये मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप हैं; कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग आपत्तियां और सवाल उठाते रहे हैं।
EVM और Constitutional Institutions पर भी निशाना
मुख्यमंत्री धामी ने EVM Controversy और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर कांग्रेस के रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष कभी EVM पर सवाल उठाता है तो कभी चुनाव परिणाम आने के बाद उसी व्यवस्था को स्वीकार करता है।
धामी ने कहा कि चुनाव आयोग, प्रशासन और सुप्रीम कोर्ट जैसी Constitutional Institutions पर लगातार सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि देश संविधान और तय व्यवस्था के अनुसार चलेगा, न कि विरोध या हंगामे के आधार पर।
SIR पर उत्तराखंड में जारी है राजनीतिक बहस
उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची भी जारी हो चुकी है। CEO Uttarakhand की वेबसाइट पर SIR Final Roll 2026, हटाए गए मतदाताओं और अन्य संबंधित मतदाता सूचियों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
हालिया अंतिम सूची में उत्तराखंड में करीब 71.58 लाख मतदाता दर्ज हैं। SIR से पहले की मतदाता संख्या की तुलना में सूची में उल्लेखनीय कमी आई है, जिसके बाद मतदाता सूची से नाम हटने और दोबारा नाम जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा जारी है।
ऐसे में SIR, Voter List Verification, Electoral Roll Revision और Fake Voter Entries को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस आगे भी जारी रहने के आसार हैं।