Pakistan का बदला रुख: ISI और RAW के बीच बातचीत की वकालत, ऑपरेशन सिंदूर के बाद नरम हुआ तेवर

Operation Sindoor के तहत भारतीय कार्रवाई से हिल चुका पाकिस्तान अब peace talks का राग अलाप रहा है। भारत पर लगातार challenges और provocative statements देने वाला पाकिस्तान अब RAW और ISI की बातचीत की वकालत कर रहा है। ताजा बयान पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री Bilawal Bhutto का आया है, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र में एक ब्रीफिंग के दौरान भारत से dialogue की बात कही।

आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ना चाहता है पाकिस्तान: भुट्टो

United Nations ब्रीफिंग के दौरान Bilawal Bhutto ने कहा, पाकिस्तान अब भी आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। हम अरबों लोगों का भविष्य नॉन-स्टेट एक्टर्स और आतंकवादियों के हवाले नहीं कर सकते।”

उन्होंने सुझाव दिया कि अगर भारत और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां – RAW और ISI – आपस में बैठक करें और counter terrorism के लिए एकजुट हों, तो दोनों देशों में शांति और सुरक्षा बहाल हो सकती है।

ऑपरेशन सिंदूर का असर, बदला पाकिस्तान का टोन

भारत द्वारा आतंकी ठिकानों पर की गई high-precision air strikes और सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान का रुख साफ तौर पर बदला हुआ नजर आ रहा है। जानकार मानते हैं कि Bilawal Bhutto का यह नरम रुख Operation Sindoor Impact को दर्शाता है, जिसने पाकिस्तान को सामरिक, मनोवैज्ञानिक और कूटनीतिक स्तर पर झटका दिया है।

शहबाज शरीफ भी कर चुके हैं बातचीत की अपील

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी हाल में दो बार भारत से बातचीत की इच्छा जताई। पहले उन्होंने Tehran में और फिर Azerbaijan में पाकिस्तान-तुर्किए-अजरबैजान त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन में यह बात दोहराई। शहबाज ने कहा कि दोनों देशों को कश्मीर, पानी और आतंकवाद जैसे मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए।

भारत के हमले से हुआ बड़ा नुकसान: रिपोर्ट

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, Operation Sindoor के दौरान Indian Air Force (IAF) द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने:

  • 6 PAF Fighter Jets

  • 2 High-Value Aircraft

  • 10 UCAV (Unmanned Combat Aerial Vehicles)

  • 1 C-130 Transport Aircraft

  • कई Cruise Missiles

को निशाना बनाकर तबाह किया है।

अब क्या RAW-ISI के बीच होगी बातचीत?

हालांकि भारत की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन Pakistan का बदला हुआ रुख कई मायनों में अहम है। सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत पहले भी कह चुका है कि “terror and talks can’t go together” – यानी जब तक सीमा पार से आतंकवाद बंद नहीं होगा, तब तक बातचीत का कोई औचित्य नहीं है।