Anti-Corruption Drive in Uttarakhand: धामी सरकार ने दिखाई सख्ती, बड़े अफसरों पर गिरी गाज

Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami की अगुवाई वाली सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि Zero Tolerance against Corruption केवल एक नारा नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई का आधार है। Haridwar Land Scam पर सीएम धामी की सरकार ने तत्काल प्रभाव से 12 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, जिनमें 2 IAS और 1 PCS अधिकारी भी शामिल हैं।

Haridwar Land Scam: क्या है पूरा मामला?

धामी सरकार को 1064 Toll Free Helpline पर शिकायत मिली थी कि हरिद्वार में land purchase और land registration में भारी गड़बड़ी हुई है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने जांच बिठाई और रिपोर्ट सामने आने के बाद त्वरित कार्रवाई की।

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट कहा, “देवभूमि में भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निगम का एक-एक पैसा वापस लाया जाएगा और पूरी ऑडिट होगी।

कौन-कौन से अधिकारी सस्पेंड हुए?

 हाई-प्रोफाइल सस्पेंशन लिस्ट:

  1. रामविलास यादव (IAS) – आय से अधिक संपत्ति के गंभीर आरोप, मामले में जांच जारी।

  2. किशन चंद (IFS) – पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोप, कड़ी कार्रवाई।

  3. हरमिंदर सिंह बवेजा – बागवानी विभाग में वित्तीय अनियमितताओं के चलते सस्पेंड।

  4. अमित जैन – आयुर्वेद विश्वविद्यालय में वित्तीय आदेशों की अनदेखी पर कार्रवाई।

  5. भूपेंद्र कुमार – परिवहन निगम में रिश्वत और वित्तीय गड़बड़ियों पर निलंबन।

  6. महिपाल सिंह – लेखपाल, रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए।

  7. निधि यादव (PCS) – भ्रष्टाचार की शिकायतों पर विजिलेंस जांच शुरू।

  8. रामदत्त मिश्र – स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग में अनियमितताओं के कारण सस्पेंड।

  9. वी.पी. सिंह, डॉ. कुलदीप सिंह, यशपाल सिंह – राज्य कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, घोर लापरवाही व भ्रष्टाचार के संदेह पर सस्पेंड।

Zero Tolerance Policy: सिर्फ छोटे नहीं, बड़े अफसर भी निशाने पर

CM Pushkar Singh Dhami की नीति बिल्कुल स्पष्ट है—“Corruption-free governance with accountability”। सरकार अब केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि high-level bureaucrats पर भी सीधी कार्रवाई कर रही है।

पिछले तीन सालों में दर्जनों ऐसे अधिकारी हैं जिन्हें पहले “अछूत” माना जाता था, लेकिन अब उन पर भी disciplinary action लिया गया है।

देवभूमि में नहीं बचेगी भ्रष्टाचार की जगह

सीएम धामी ने कहा, “हमने नकल माफिया के खिलाफ 100 से ज्यादा मामले सुलझाए और उन्हें जेल भेजा। अब नगर निगम, पंजीकरण विभाग और भूमि खरीद जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की ऑडिट भी होगी, ताकि हर स्तर पर जवाबदेही तय हो सके।”