भारत के Air Strike से हिल गई पाक आर्मी, कमांडर ने कहा- मस्जिद में छिपा हूं!

22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोषों की हत्या के बाद भारत ने 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और POK में एयरस्ट्राइक कर आतंकियों के 9 ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। लेकिन अब इस ऑपरेशन से जुड़ी एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है — पाकिस्तान की सेना का एक कमांडर हमले के दौरान डर के मारे अपनी पोस्ट ही छोड़कर भाग खड़ा हुआ।

Interception से खुलासा: कमांडर बोला – “पहले जान बचाओ, बाद में बात करेंगे”

भारतीय सेना से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मुजफ्फराबाद के पास तैनात 75वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड के एक सीनियर कमांडर ने खुद को मस्जिद में छिपा लिया था और अपनी पोस्ट पर लौटने से इनकार कर दिया था। भारतीय इंटेलिजेंस द्वारा इंटरसेप्ट की गई बातचीत में यह खुलासा हुआ कि जब उनके जूनियर ने उन्हें वापस बुलाने की कोशिश की तो कमांडर का जवाब था:

“ऑफिस बाद में खुलेगा, पहले अपनी जान बचाओ।”

 “नमाज पढ़ रहे हैं, हालात ठीक होंगे तब लौटेंगे” — जूनियर का बयान

कमांडर की गैरहाजिरी को लेकर एक जूनियर अधिकारी ने रेडियो कॉल में कहा:

“वो बहुत मुश्किल से जान बचाकर मस्जिद पहुंचे हैं। अभी वहीं हैं और नमाज पढ़ रहे हैं। हालात ठीक होने के बाद ही लौटेंगे।”

इस बयान से साफ हो गया कि ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तानी सेना की कमान भी जवाब दे चुकी थी, और किसी भी तरह की रिटालिएशन कैपेसिटी उनके पास नहीं थी।

 Airbase पर हमले, Drone को हवा में ढेर: भारत का दमदार जवाब

भारतीय वायुसेना ने न सिर्फ आतंकी ठिकानों पर निशाना साधा, बल्कि पाक के कई मिलिट्री एयरबेस को भी भारी नुकसान पहुंचाया। जवाबी हमले में पाकिस्तान ने तुर्की के ड्रोन के जरिए भारत पर हमले की कोशिश की, लेकिन भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने उन्हें हवा में ही तबाह कर दिया।

भारत की रणनीति साफ: आतंक का जवाब युद्ध स्तर पर

भारत ने ये स्पष्ट कर दिया कि अब cross-border terrorism को act of war माना जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर की योजना इतनी सटीक थी कि चार दिनों के भीतर 100 से अधिक आतंकवादी ढेर कर दिए गए। पाकिस्तान के पास इस सैन्य ऑपरेशन का कोई कारगर जवाब नहीं था।

Ceasefire पर बनी सहमति, लेकिन पाक की कमजोरी दुनिया के सामने

चार दिनों तक चला संघर्ष आखिरकार सीजफायर पर जाकर खत्म हुआ, लेकिन पाकिस्तानी सेना की मानसिक स्थिति, उनकी तैयारी और कमांड स्ट्रक्चर की कमजोरी पूरी दुनिया के सामने आ गई।