Modi's global mission before G7: Will leave for Canada, Croatia and Cyprus from today
G7 से पहले मोदी का वैश्विक मिशन: आज से कनाडा, क्रोएशिया और साइप्रस की यात्रा पर होंगे रवाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से कनाडा, क्रोएशिया और साइप्रस की यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब इजरायल-ईरान युद्ध के चलते दुनिया भर में global instability और energy crisis की आशंका बढ़ गई है। इस बहुप्रतीक्षित यात्रा का मुख्य उद्देश्य G7 शिखर सम्मेलन 2025 में भाग लेना और भारत के कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा देना है।
कनाडा में G7 Summit: मोदी की होगी वैश्विक नेताओं से मुलाकात
G7 Summit in Canada के दौरान पीएम मोदी की मुलाकात होगी:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर
और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी से।
हाल ही में Mark Carney ने फोन पर मोदी को इस सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया था। दोनों के बीच द्विपक्षीय बैठक भी तय मानी जा रही है। बता दें कि अक्टूबर 2023 के बाद से India-Canada relations तनावपूर्ण रहे हैं और यह मुलाकात रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
भारत की G7 में भूमिका: बड़ी अर्थव्यवस्था, निर्णायक उपस्थिति
भारत लगातार G7 Summit guest country के तौर पर आमंत्रित होता आया है। दिलचस्प बात यह है कि:
इटली, कनाडा और फ्रांस से बड़ी अर्थव्यवस्था भारत की है।
भारत के जापान और ब्रिटेन से आर्थिक समझौते हैं।
और EU (European Union) से जल्द ही कारोबारी समझौता होने की संभावना है।
इसलिए भारत की उपस्थिति केवल औपचारिक नहीं, रणनीतिक और निर्णायक है।
🇭🇷 🇨🇾 क्रोएशिया और साइप्रस यात्रा: यूरोपीय रणनीति का विस्तार
G7 के बाद पीएम मोदी करेंगे दो छोटे लेकिन महत्वपूर्ण यूरोपीय देशों — Croatia और Cyprus — का दौरा।
India-Croatia Relations:
यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री क्रोएशिया की यात्रा करेगा।
देश की आबादी लगभग 39 लाख है, लेकिन इसका EU में रणनीतिक महत्व है।
India-Cyprus Relations:
मोदी लगभग 23 साल बाद साइप्रस जा रहे हैं।
साइप्रस के एक हिस्से पर Turkey का कब्जा है, और भारत हमेशा Cyprus unification का समर्थक रहा है।
इस यात्रा को Turkey-Pakistan nexus के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
वैश्विक शांति और ऊर्जा सुरक्षा: G7 एजेंडा का फोकस
G7 की इस बैठक का फोकस रहेगा:
Global Peace amid Iran-Israel Conflict
Energy Security
और Supply Chain Stability।
ऐसे में India का balanced diplomatic stance विश्व समुदाय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।