लास्ज़लो क्रास्नाहोर्काई ने 2015 में जीता मैन बुकर इंटरनेशनल प्राइज

हंगरी के प्रसिद्ध लेखक लास्ज़लो क्रास्नाहोर्काई (Laszlo Krasznahorkai) को वर्ष 2015 में मैन बुकर इंटरनेशनल प्राइज (Man Booker International Prize) से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार उन्हें उनके पूरे साहित्यिक योगदान के लिए मिला था, न कि किसी एक उपन्यास के लिए। उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में ‘The Melancholy of Resistance’ और ‘Herscht 07769’ प्रमुख हैं।

‘The Melancholy of Resistance’ एक छोटे से कस्बे की कहानी है, जहां एक सर्कस एक विशाल भरे हुए व्हेल (stuffed whale) के साथ आता है और फिर घटनाएं रहस्यमय रूप ले लेती हैं। यह उपन्यास 1989 में हंगेरियन भाषा में प्रकाशित हुआ था, लेकिन इसका अंग्रेज़ी अनुवाद 1998 में सामने आया।

वहीं ‘Herscht 07769’ की कहानी जर्मनी के एक graffiti cleaner की है, जो दुनिया के विनाश के खतरे के बारे में चेतावनी देने के लिए चांसलर एंजेला मर्केल (Angela Merkel) को पत्र लिखता है। यह उपन्यास 2024 में अमेरिका में अंग्रेज़ी में प्रकाशित हुआ था और इसकी 400 पन्नों की पूरी किताब में केवल एक ही पूर्णविराम (period) है!

क्रास्नाहोर्काई की लेखन शैली बेहद अनोखी है। उनके उपन्यासों में अक्सर एक वाक्य कई पन्नों तक फैला होता हैयह आदत उन्हें नॉर्वेजियन लेखक जॉन फॉसे (Jon Fosse) से जोड़ती है, जिन्हें 2023 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize in Literature) मिला था।

क्रास्नाहोर्काई ने 2014 में न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया था कि वे एक “बिलकुल मौलिक (absolutely original)” शैली विकसित करना चाहते थे—“मैं अपने साहित्यिक पूर्वजों से दूर जाकर कुछ नया बनाना चाहता था, न कि काफ्का, दोस्तोएव्स्की या फॉकनर का नया रूप।”

1954 में कम्युनिस्ट हंगरी में जन्मे क्रास्नाहोर्काई ने 1985 में अपने पहले उपन्यास ‘Satantango’ से साहित्यिक दुनिया में कदम रखा। यह उपन्यास एक गरीब बस्ती के जीवन पर आधारित था और इसने उन्हें पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते और विश्व स्तर पर प्रशंसा हासिल की।

2015 में जब उन्हें Man Booker International Prize मिला, तब जूरी की अध्यक्ष मारिना वॉर्नर (Marina Warner) ने उन्हें एक “दूरदर्शी (visionary) लेखक” बताया—“उनका लेखन आधुनिक जीवन की जटिलताओं को बेहद गहराई, भय, हास्य और सुंदरता के साथ प्रस्तुत करता है।”

क्रास्नाहोर्काई कई वर्षों से बुकमेकरों के पसंदीदा लेखकों में शामिल रहे हैं। वे साहित्य का नोबेल जीतने वाले दूसरे हंगेरियन लेखक हैं। उनसे पहले 2002 में इमरे केर्टेस (Imre Kertész) को यह सम्मान मिला था, जो एक उपन्यासकार और होलोकॉस्ट सर्वाइवर थे।

“My life is a permanent correction”: Krasznahorkai

स्वीडिश रेडियो से बात करते हुए क्रास्नाहोर्काई ने कहा, “मैंने केवल एक किताब लिखने की योजना बनाई थी, लेकिन जब मैंने ‘Satantango’ पूरी की, तो मुझे लगा कि इसे और बेहतर किया जा सकता है। मेरी ज़िंदगी एक निरंतर सुधार (permanent correction) है।”

उनके उपन्यासों की पृष्ठभूमि मध्य यूरोप के दूरदराज़ गाँवों से लेकर जर्मनी तक फैली है, और फिर यह यात्रा चीन और जापान (Far East) तक जाती हैजहाँ की यात्राओं ने उनके लेखन पर गहरा प्रभाव छोड़ा।

क्रास्नाहोर्काई पर फ्रांज़ काफ्का (Franz Kafka) का गहरा असर रहा है। उन्होंने 2013 में The White Review को बताया था

जब मैं काफ्का को नहीं पढ़ रहा होता, तब मैं उनके बारे में सोच रहा होता हूँ।

और जब मैं उनके बारे में नहीं सोचता, तब मुझे उनके बारे में सोचना याद आता है।”