Weather alert raises concerns in Uttarakhand; 111 roads closed; find out where Orange and Yellow alerts are in effect.
उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर चुनौती बनकर सामने आया है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में Landslide की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे कई मार्ग प्रभावित हुए हैं। India Meteorological Department (IMD) ने गुरुवार के लिए देहरादून, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में Heavy Rain का Yellow Alert जारी किया है। मौसम विभाग ने पर्वतीय इलाकों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र दौर की भी संभावना जताई है।
देहरादून में धूप और बारिश का मिला-जुला असर
राजधानी देहरादून में सुबह हल्की बारिश के बाद तेज धूप निकलने से उमस बढ़ गई। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब दो डिग्री अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में व्यापक और मैदानी इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
मसूरी-दून मार्ग पर भूस्खलन से यातायात प्रभावित
लगातार बारिश के चलते Mussoorie-Dehradun Road पर पानीवाला बैंड के पास पहाड़ी से मलबा और पेड़ गिरने के कारण यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) ने दो जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सड़क पर यातायात बहाल कर दिया गया।
हालांकि, सड़क का एक हिस्सा पहले से क्षतिग्रस्त होने के कारण फिलहाल इस मार्ग पर One-Way Traffic ही संचालित किया जा रहा है। दोपहर बाद भारी वाहनों की आवाजाही भी शुरू कर दी गई।
किमाड़ी मार्ग पर भी बढ़ी मुश्किलें
भारी बारिश का असर किमाड़ी मार्ग पर भी देखने को मिला, जहां भूस्खलन के कारण सड़क बंद हो गई। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पहाड़ी से मलबा गिरना पूरी तरह बंद नहीं होता, तब तक सड़क खोलना जोखिम भरा रहेगा। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो मार्ग बहाल होने में और समय लग सकता है।
मसूरी के लिए बस सेवा प्रभावित
देहरादून से मसूरी जाने वाले यात्रियों को लगातार दूसरे दिन परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क पूरी तरह सुरक्षित नहीं होने के कारण रोडवेज ने बसों का संचालन रोक रखा है। यात्रियों को टैक्सी और अन्य निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे यात्रा खर्च भी बढ़ गया है।
रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक, सड़क की स्थिति सामान्य होने के बाद ही बस सेवा दोबारा शुरू की जाएगी। यदि हालात अनुकूल रहे तो अस्थायी रूप से टेंपो ट्रैवलर भी चलाए जा सकते हैं।
प्रशासन ने सभी विभागों को किया हाई अलर्ट
मानसून के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को 24×7 कंट्रोल रूम संचालित रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और आपात स्थिति से निपटने के लिए माइक्रो प्लान तैयार रखने को कहा गया है।
इसके अलावा PWD, राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), जल संस्थान और बिजली विभाग को संवेदनशील सड़कों से मलबा हटाने, जलभराव वाले क्षेत्रों की सफाई करने तथा पेयजल और बिजली आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें
मौसम विभाग ने लोगों, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की ओर से जारी Weather Update तथा Travel Advisory का पालन करने की अपील की गई है।